उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में राष्ट्रकवि भोलानाथ शेखर (Bholanath Shekhar) की 113वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह आयोजन कवि के निज निवास मोहल्ला नई बस्ती (Mohalla Nai Basti) में संपन्न हुआ, जहां परिवारजनों और स्थानीय लोगों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन समर्पित किए। इस अवसर पर कवि की रचनाओं से कविता पाठ कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
परिवार ने दी काव्यांजलि:
जयंती समारोह में भोलानाथ शेखर के परिवार के सभी सदस्यों ने उनकी कृतियों से कविताएं प्रस्तुत कीं। यह आयोजन पूर्णतः पारिवारिक माहौल में हुआ, जहां उनके शब्दों की गूंज एक बार फिर लोगों के मन को छू गई।
रामगोपाल शेखर की प्रस्तुति:
कवि के बड़े पुत्र रामगोपाल शेखर (Ramgopal Shekhar) ने प्रसिद्ध कविता “भारतीय नारी” से कुछ पंक्तियां सुनाईं। उन्होंने पढ़ा – “तुम हो सहाय असहयों की, तुम दिनों की दुख हरनी हो, हो तुम ही जन्मदाता जग की, तुम जग की पालन करनी हो।” इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम की शुरुआत को गरिमामयी बना दिया।
नाभ्य शेखर का ओजपूर्ण पाठ:
कवि के परपोत्र नाभ्य शेखर (Nabhya Shekhar) ने कवि की वीर रस से भरी कविता से पंक्तियां सुनाईं – “खप्पर त्रिशूल वाली बनकर, चंडिका मुंड माली बनाकर तुम कूद पड़ो सीमाओं पर, काली बन कंकाली बनकर।” उनके ओजस्वी पाठ ने उपस्थित जनों को राष्ट्रभावना से ओतप्रोत कर दिया।
रिद्धिमा शेखर की बाल प्रस्तुति:
कवि की परपोती रिद्धिमा शेखर (Riddhima Shekhar) ने होली पर रचित कविता से कुछ पंक्तियां प्रस्तुत कीं – “त्याग अभियान मान अपमान, शत्रु कर रहा शत्रु से प्यार, अजब है होली का त्यौहार।” उनकी मधुर आवाज़ और सहज अभिव्यक्ति ने वातावरण को भावनात्मक बना दिया।
रजत शेखर का काव्य पाठ:
कवि के पोत्र एडवोकेट रजत शेखर (Advocate Rajat Shekhar) ने कविता और कवि शीर्षक से कवि की प्रसिद्ध रचना का पाठ किया – “कविता कवि का दम भरती है, वीणावादिनी द्वार कवि का, निशि वॉशर झांका करती है।” उनकी प्रस्तुति ने भोलानाथ शेखर के साहित्यिक व्यक्तित्व की गहराई को उजागर किया।
कविवर की शहादत को किया याद:
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कविवर भोलानाथ शेखर की असामयिक मृत्यु को भी याद किया। लगभग 60 वर्ष पूर्व करवा चौथ के दिन, जब वे एक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में काव्य पाठ कर रहे थे, उसी समय उन्होंने अंतिम सांस ली थी। उनकी यह शहादत आज भी लोगों के हृदय में जीवित है।
स्मृति में होता है कवि सम्मेलन:
भोलानाथ शेखर की स्मृति में लखीमपुर खीरी नगर पालिका परिषद (Lakhimpur Kheri Nagar Palika Parishad) द्वारा हर वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाता है। यह आयोजन उनकी कविताओं की अमर विरासत को जीवित रखने का माध्यम बन चुका है।
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