रिपोर्टर: मोहम्मद वसीम
बरेली (Bareilly) जनपद में प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन तलाश’ को फिर से तेज कर दिया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह (Avinash Singh) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य (Anurag Arya) ने खुद मोर्चे पर उतरकर अभियान की निगरानी की। अस्पतालों समेत कई संवेदनशील स्थानों पर दोनों अधिकारियों ने औचक निरीक्षण कर संदिग्धों की गहन जांच कराई।

विशेष टीमों का गठन:
घुसपैठियों की धरपकड़ को प्रभावी बनाने के लिए जिले में कुल 29 विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अलग-अलग इलाकों में लगातार चेकिंग अभियान चला रही हैं। प्रत्येक टीम का काम है कि संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि अभियान सभी संवेदनशील क्षेत्रों में समान रूप से प्रभावी रहे।
घुसपैठियों की हिरासत और जेल व्यवस्था:
प्रशासन ने तय किया है कि पकड़े गए घुसपैठियों को बरेली (Bareilly) जिला जेल में डिटेंशन सेंटर के रूप में रखा जाएगा। यह कदम अभियान को प्रभावी बनाने के साथ ही जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है। जेल में हिरासत के दौरान सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाएगा।
पिछले अभियान की जानकारी:
करीब चार महीने पहले भी ‘ऑपरेशन तलाश’ चलाया गया था। उस अभियान में आधा दर्जन से अधिक घुसपैठियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि, उस अभियान के बाद कार्रवाई में कुछ समय के लिए ढील रही, लेकिन वर्तमान में प्रशासन ने एक बार फिर पूरी सख्ती के साथ अभियान शुरू कर दिया है।
प्रशासन और पुलिस का संदेश:
जिलाधिकारी अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रूप से रह रहे किसी भी घुसपैठिये को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे अभियान की निगरानी स्वयं डीएम और एसएसपी स्तर से की जा रही है। प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए।
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