उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बाराबंकी (Barabanki) जिले में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया। फतेहपुर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार और बेकाबू डंपर ने सड़क किनारे सो रहे परिवार को कुचल दिया। हादसे में पिता, बेटा और दो बेटियों की मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रिश्तेदारों के अनुसार बिजली न आने के कारण परिवार घर के बाहर सो रहा था। इसी दौरान रात करीब 2 बजे तेज रफ्तार डंपर वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि डंपर पहले एक पेड़ से टकराया और फिर सड़क किनारे सो रहे परिवार के ऊपर चढ़ गया। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
चार लोगों की मौके पर मौत:
हादसे में नीरज (35), उनके बेटे अनुराग (13), बेटी अंशिका (10) और अंशू (6) की मौत हो गई। पत्नी आरती (35) गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ (Lucknow) के लोहिया अस्पताल (Lohia Hospital) रेफर किया गया है।
घटना के बाद आसपास के लोग चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।
परिवार चलाने के लिए मैजिक चलाते थे नीरज:
मृतक नीरज बाराबंकी के झांसा गांव में परिवार के साथ रहते थे। वह किराए पर मैजिक वाहन चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार सामान्य जीवन बिता रहा था, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
रिश्तेदारों ने बताया कि गर्मी और बिजली कटौती के कारण परिवार घर के बाहर दरवाजे पर सो रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि रात इतनी भयावह साबित होगी।
बच्चे अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे:
मृतक बच्चों में अनुराग भगौली स्थित मोहन लाल वर्मा स्कूल (Mohan Lal Verma School) में कक्षा 4 का छात्र था। वहीं अंशू इसी स्कूल में कक्षा 1 में पढ़ती थी। अंशिका सिद्धौर के युग मदनपुर स्थित सर्वजीत इंटर कॉलेज (Sarvjeet Inter College) में कक्षा 3 की छात्रा थी।
परिजनों के अनुसार अंशिका अपनी नानी के घर अनवारी बेहटा में रहकर पढ़ाई करती थी और स्कूल की छुट्टियां बिताने के लिए घर आई हुई थी। हादसे ने परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।
मामा ने सुनाई हादसे की दर्दनाक कहानी:
नीरज के मामा कृपा राम ने बताया कि रात करीब 3 बजे उन्हें फोन पर हादसे की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही वह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि बिजली नहीं होने की वजह से सभी लोग घर के बाहर सो रहे थे, तभी तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें कुचल दिया।
उन्होंने बताया कि हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
बहन बोली- सब कुछ खत्म हो गया:
नीरज की बहन किरण का अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बच्चों के शव देखकर वह बेसुध होकर गिर पड़ीं। उन्होंने कहा कि एक ही पल में पूरा परिवार खत्म हो गया।
उन्होंने बताया कि नीरज और आरती की शादी करीब 14 साल पहले हुई थी और पूरा परिवार खुशी से रह रहा था। अब परिवार में सिर्फ दर्द और सन्नाटा बचा है।
स्कूल प्रबंधक ने जताया दुख:
मोहन वर्मा इंटर कॉलेज के प्रबंधक हिमांशु ने बताया कि अनुराग और अंशू दोनों उनके स्कूल में पढ़ते थे। अनुराग पढ़ाई में काफी अच्छा था और रोज अपनी बहन के साथ साइकिल से स्कूल आता था। उन्होंने कहा कि वह बेहद सरल स्वभाव का बच्चा था और उसकी मौत की खबर से पूरा स्कूल सदमे में है।
अस्पताल प्रशासन ने दी जानकारी:
जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों को सुबह करीब 5:15 बजे अस्पताल लाया गया था। दो बच्चों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर किया गया।
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