संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर बलिया (Ballia) जनपद के चितबड़ागांव (Chitbadagaon) क्षेत्र के युवक आदित्य कृष्ण (Aditya Krishna) ने अपने परिवार, क्षेत्र और पूरे जिले का नाम रोशन किया है। आदित्य कृष्ण ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा में 540वीं रैंक प्राप्त कर यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आदित्य की मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि उन्होंने देश की कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपने सपने को साकार किया है।
बलिया पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत:
आदित्य कृष्ण के बलिया (Ballia) पहुंचने पर चितबड़ागांव (Chitbadagaon) क्षेत्र में लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। स्वागत के दौरान बाजा-गाजा के साथ उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर चितबड़ागांव नगर पंचायत (Chitbadagaon Nagar Panchayat) के पूर्व चेयरमैन केशरी नन्दन त्रिपाठी (Keshari Nandan Tripathi) सहित क्षेत्र के अनेक लोग मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, रिश्तेदारों और युवाओं की बड़ी संख्या देखने को मिली। सभी ने आदित्य कृष्ण को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर लोगों ने कहा कि आदित्य की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल:
आदित्य कृष्ण की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही बलिया (Ballia) जनपद में फैली, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग इसे अपने क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद आदित्य ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लोग भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
मां प्रशासनिक सेवा में रह चुकी थीं:
बताया जाता है कि आदित्य कृष्ण की मां प्रशासनिक सेवा में रह चुकी थीं और बिहार (Bihar) में एडीएम (ADM) के पद पर तैनात थीं। हालांकि अब उनका निधन हो चुका है। परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार आदित्य अपनी मां से काफी प्रेरित थे। उनकी मां की सेवा भावना और कार्यशैली ने आदित्य को भी प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया। यही कारण था कि उन्होंने शुरू से ही सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था।
शुरू से ही आईएएस बनने का था सपना:
परिजनों और परिचितों के अनुसार आदित्य कृष्ण का मन बचपन से ही पढ़ाई में लगता था। उन्होंने अपने लक्ष्य को स्पष्ट रूप से तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में जाकर देश और समाज के लिए काम करना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने लगातार मेहनत की और अपने अध्ययन पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। उनकी इसी लगन और परिश्रम का परिणाम है कि उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर 540वीं रैंक प्राप्त की।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा:
आदित्य कृष्ण की सफलता को क्षेत्र के लोग युवाओं के लिए प्रेरणादायक मान रहे हैं। उनका मानना है कि अगर किसी के पास स्पष्ट लक्ष्य हो और वह पूरी मेहनत और ईमानदारी से प्रयास करे, तो सफलता जरूर मिलती है। आदित्य की उपलब्धि यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अगर निरंतर प्रयास किया जाए तो बड़ी से बड़ी परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
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रिपोर्टर: अमित कुमार
