यूपी विधानमंडल में चल रहे बजट सत्र के पांचवें दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों को लेकर बड़ा ऐलान किया। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.06 करोड़ निराश्रित महिलाओं को पेंशन दी जा रही है, जिन्हें वर्तमान में 12 हजार रुपये सालाना मिलते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि इस राशि में जल्द ही वृद्धि की जाएगी और 15 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे।
पेंशन राशि में प्रस्तावित बढ़ोतरी:
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath (योगी आदित्यनाथ) ने सदन में कहा कि सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों को दी जा रही पेंशन 1000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संकल्प पत्र में भी इस बढ़ोतरी का वादा किया था। अब बजट सत्र के दौरान इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। वित्त मंत्री Suresh Khanna (सुरेश खन्ना) 15 फरवरी को विस्तृत घोषणा करेंगे।
वंदे मातरम पर बयान:
सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ सांसदों द्वारा इसका विरोध किया गया, जो उचित नहीं है। उनके अनुसार वंदे मातरम का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग देश में रहते हैं, उन्हें राष्ट्रीय सम्मान और प्रतीकों का आदर करना चाहिए। इस बयान के बाद सदन में कुछ समय तक हलचल देखी गई।
नेता प्रतिपक्ष और संजय निषाद पर टिप्पणी:
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय का नाम लेते हुए कहा कि वे सदन में कई बार उचित बातें रखते हैं, लेकिन उनके और संजय निषाद के बीच विवाद की स्थिति दिखाई देती है। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी तालाब के पट्टे को लेकर मतभेद चल रहा हो। इससे पहले आरक्षण के मुद्दे पर माता प्रसाद पांडेय और संजय निषाद के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसकी चर्चा सदन में रही।
सदन में हंगामा और अध्यक्ष की नाराजगी:
सुबह 11 बजे जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, कुछ ही देर बाद टोका-टोकी को लेकर अध्यक्ष सतीश महाना नाराज हो गए। उन्होंने भाजपा विधायक केतकी सिंह को बैठने के लिए कहा और स्पष्ट किया कि सदन का संचालन करना उनका दायित्व है। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब उन्होंने नाराजगी में हेडफोन उतारकर फेंक दिया और लगभग 10 मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया। इसके बाद वे कुर्सी छोड़कर बाहर चले गए।
शायरी के बीच हल्का माहौल:
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने मुस्कराते हुए कहा कि अध्यक्ष मुस्कुराते हुए अच्छे लगते हैं। उन्होंने वित्त मंत्री से माहौल हल्का करने के लिए शायरी सुनाने का आग्रह किया। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के कमाल अख्तर ने शायरी सुनाई— “तुम रूठा न करो, सबकी जान चली जाती है, तुम हंसते रहते हो तो बिजली-सी चमक जाती है।” इस पर वित्त मंत्री ने हल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि महबूबा वाली शायरी यहां न सुनाई जाए। इसके बाद सदन का वातावरण सामान्य हुआ और कार्यवाही आगे बढ़ी।
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