उत्तर प्रदेश के Ballia (बलिया) में जिलाधिकारी Mangla Prasad Singh (मंगला प्रसाद सिंह) ने दिव्यांग मासूम बच्ची रागिनी को अपने कार्यालय बुलाकर उसकी स्वास्थ्य जांच कराई। जिलाधिकारी ने डॉक्टरों की टीम से बच्ची की जांच कराने के बाद उसके बेहतर इलाज के लिए आगे की व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अन्य आवश्यक जांच के लिए डॉक्टरों की टीम बच्ची को BHU (बीएचयू) लेकर जाएगी, जहां उसका चेकअप और बेहतर इलाज कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बच्ची के परिजनों को आश्वासन दिया कि उसके पैर के इलाज में आने वाला जो भी खर्च होगा, उसे राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने परिजनों को बुलाकर बच्ची के पैर का इलाज जल्द कराने का भरोसा भी दिलाया। प्रशासन की ओर से बच्ची के उपचार को लेकर आवश्यक व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था बच्ची का वीडियो:
दरअसल, Manier (मनियर) शिक्षा क्षेत्र के Ranipur (रानीपुर) गांव की रहने वाली दिव्यांग बच्ची रागिनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। वीडियो में बच्ची एक पैर से लंगड़ाते हुए प्राथमिक विद्यालय पढ़ने जाती दिखाई दे रही थी। बच्ची की स्थिति से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद मामले ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रागिनी Didhoda Primary School (दिधेड़ा प्राथमिक विद्यालय) में पढ़ने जाती है। एक पैर से चलने में परेशानी के बावजूद बच्ची के विद्यालय जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। इसके बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath (योगी आदित्यनाथ) ने मामले का संज्ञान लिया।
मुख्यमंत्री के संज्ञान के बाद शुरू हुई मदद:
बच्ची से जुड़ा मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत बच्ची को ट्राईसाइकिल, पढ़ने के लिए किताबें और दिव्यांग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
दिव्यांग प्रमाणपत्र मिलने के बाद बच्ची को ट्रेन और बस यात्रा में निशुल्क सुविधा सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता भी तैयार हुआ है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की ओर से बच्ची के इलाज की पूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
डीएम ने डॉक्टरों की टीम से कराई जांच:
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बच्ची रागिनी और उसके परिजनों को अपने कार्यालय बुलाया। यहां डॉक्टरों की टीम ने बच्ची की जांच की। जांच के बाद जिलाधिकारी ने बताया कि आगे की अन्य जांच के लिए डॉक्टरों की टीम बच्ची को BHU लेकर जाएगी।
BHU में चेकअप और बेहतर इलाज के लिए बच्ची को ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। जिलाधिकारी ने इलाज को लेकर परिजनों को भरोसा दिलाया कि बच्ची के पैर को जल्द ठीक कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी:
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्ची के पैर के इलाज में जो भी खर्च आएगा, उसे राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने बच्ची के परिजनों को बुलाकर उपचार को लेकर आश्वासन दिया और जल्द इलाज कराने की बात कही।
इस तरह सोशल मीडिया पर सामने आए बच्ची के वीडियो के बाद उसके इलाज और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर प्रशासन की ओर से पहल की गई है। बच्ची को दिव्यांग प्रमाणपत्र, ट्राईसाइकिल और पढ़ाई के लिए किताबें उपलब्ध कराने के साथ अब बेहतर इलाज की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है।
बच्ची के बेहतर इलाज की तैयारी:
जिलाधिकारी ने बताया कि डॉक्टरों की टीम बच्ची को आगे की जांच के लिए BHU लेकर जाएगी। वहां चेकअप और बेहतर इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रशासन की ओर से बच्ची के पैर के इलाज में आने वाले खर्च को लेकर भी परिवार को आश्वस्त किया गया है।
बच्ची रागिनी से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री के संज्ञान के बाद जिला प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों के तहत अब उसके उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने परिजनों को बच्ची के पैर का इलाज जल्द कराने का भरोसा दिलाया है।
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रिपोर्टर: अमित कुमार
