रिपोर्टर: अनुज कुमार
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी सरकार (Yogi Government) ने अवैध नशे और कोडीन (Codeine) दवाओं के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई करते हुए 128 फर्मों पर एफआईआर दर्ज की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर औषधि प्रशासन (Drug Administration) की ताबड़तोड़ छापेमारी में लाखों की अवैध दवाएं जब्त की गईं और आधा दर्जन से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए गए। यह अभियान अवैध रूप से नकली और नशे के लिए उपयोग होने वाली औषधियों के भंडारण, क्रय-विक्रय और आवाजाही को रोकने के उद्देश्य से चलाया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के आदेश पर औषधि प्रशासन की टीम ने पूरे प्रदेश में रेड अभियान चलाया। अधिकारियों ने नशे के रूप में उपयोग हो रही दवाओं की बिक्री और भंडारण पर निगरानी रखी। इस अभियान में अवैध दवाओं की जब्ती के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले फर्मों पर कानूनी कार्रवाई की गई। योगी सरकार ने जनता को अवैध दवाओं और उनके दुरुपयोग के खिलाफ सचेत रहने के लिए व्हाट्सएप नंबर 8756128434 भी जारी किया है।
जिलावार एफआईआर और बरामदगी:
अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक एफआईआर वाराणसी (Varanasi) में 38, जौनपुर (Jaunpur) में 16, कानपुर नगर (Kanpur Nagar) में 8, गाजीपुर (Ghazipur) में 6 और लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) एवं लखनऊ (Lucknow) में 4-4 दर्ज की गई हैं। प्रदेश के कुल 28 जिलों में कोडीन के अवैध दुरुपयोग पर विभिन्न फर्मों पर एफआईआर दर्ज की गई है। अभियान में पकड़ी गई दवाओं की कीमत लाखों में आंकी गई है, जिससे यह कार्रवाई काफी प्रभावशाली मानी जा रही है।
अवैध दवाओं के खिलाफ सतत निगरानी:
औषधि प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है कि किसी भी फर्म या व्यक्ति द्वारा कोडीन जैसी दवाओं का अवैध उपयोग न हो। टीम ने चेताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा लोगों को भी इस तरह की दवाओं से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई:
इस अभियान में अब तक आधा दर्जन से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए आरोपी दवाओं के अवैध भंडारण और बिक्री में शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई की जा रही है। योगी सरकार का उद्देश्य न केवल अवैध दवाओं की बिक्री रोकना है बल्कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाना और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
सुरक्षा और जागरूकता:
प्रदेश सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अवैध दवाओं के किसी भी व्यापार या दुरुपयोग की सूचना पुलिस या औषधि प्रशासन को दें। अभियान के दौरान लोगों की सुरक्षा और जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि योगी सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है और अवैध दवाओं के व्यापार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
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