लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में बाढ़ के कारण हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जिले की पांच तहसीलें बाढ़ की चपेट में हैं और कई गांवों में नदियों का पानी पहुंच चुका है। सदर तहसील क्षेत्र के भी कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। संपर्क मार्गों के पानी में डूब जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर लोगों को अपने घरों तक आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
इन्हीं बाढ़ प्रभावित हालात का जायजा लेने सदर विधायक योगेश वर्मा (Yogesh Verma) रात करीब 12 बजे नाव पर सवार होकर रेहरिया गांव पहुंचे। रात के अंधेरे में विधायक ने बाढ़ प्रभावित इलाके का मौके पर निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी परेशानियों की जानकारी ली। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी विधायक ने सवाल उठाए।
संपर्क मार्ग डूबने से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी:
लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) के सदर तहसील क्षेत्र में बाढ़ के पानी ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांवों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। इसके चलते ग्रामीणों का सामान्य आवागमन प्रभावित हो गया है। कई जगह स्थिति ऐसी बन गई है कि लोगों को घरों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
बाढ़ के पानी से गांवों का संपर्क प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी परेशानियां बढ़ गई हैं। कई परिवारों के घरों के आसपास पानी पहुंचने से उनके लिए आवागमन मुश्किल हो गया है।
रात में नाव से रेहरिया गांव पहुंचे विधायक:
बाढ़ प्रभावित रेहरिया गांव की स्थिति जानने के लिए भाजपा विधायक योगेश वर्मा (Yogesh Verma) रात करीब 12 बजे नाव पर सवार होकर गांव पहुंचे। रात के अंधेरे में उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। इस दौरान विधायक ने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ के कारण सामने आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि बाढ़ के पानी के कारण उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। गांवों का संपर्क टूटने से आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, कई परिवारों को बाढ़ के चलते अपने घर छोड़ने के लिए भी मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विधायक ने उठाए सवाल:
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद विधायक योगेश वर्मा (Yogesh Verma) ने मौके पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब जनता संकट के दौर से गुजर रही है और लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं, ऐसे समय में जनप्रतिनिधि के तौर पर मौके पर पहुंचकर लोगों की समस्याएं जानना जरूरी है।
विधायक ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बाढ़ प्रभावित लोगों को जिस तरह की सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, वे मौके पर दिखाई नहीं दे रही हैं।
तत्काल राहत और सुविधाएं देने की मांग:
विधायक ने कहा कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
विधायक ने मौके पर यह भी कहा कि, “बाबा जी के कहने के अनुसार भी कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।” बाढ़ के कारण ग्रामीणों के सामने पैदा हुई परेशानियों को लेकर विधायक ने प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक राहत व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में संपर्क मार्गों के डूबने और आवागमन के लिए नाव पर निर्भरता के बीच सदर विधायक का रात में मौके पर पहुंचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं विधायक के सामने रखीं और बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहे असर की जानकारी दी।
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रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता
