उत्तराखंड (Uttarakhand) में धार्मिक आस्था का केंद्र श्री बद्रीनाथ धाम (Shri Badrinath Dham) के कपाट खुलने की तारीख का ऐलान हो गया है। बसंत पंचमी (Basant Panchami) के मौके पर टिहरी राज दरबार (Tehri Raj Darbar) में आयोजित विशेष धार्मिक समारोह में आगामी यात्रा की तैयारियों और योजनाओं पर अंतिम निर्णय लिया गया।
कपाट खुलने की तिथि और विधि-विधान:
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (Badrinath-Kedarnath Temple Committee – BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी (Hemant Dwivedi) ने बताया कि कपाट गुरुवार 23 अप्रैल 2026 को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोले जाएंगे। इस अवसर पर बीकेटीसी ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी कार्य योजना तैयार कर ली है। उन्होंने बताया कि शीतकालीन यात्रा (Winter Yatra) और आगामी चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) की तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
धार्मिक समारोह और पंचांग गणना:
कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए टिहरी राजमहल (Tehri Rajmahal) में शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे से धार्मिक कार्यक्रम शुरू हुआ। महाराजा मनुजयेंद्र शाह (Maharaja Manujayendra Shah) की उपस्थिति में पूजा-अर्चना संपन्न की गई। राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल (Acharya Krishna Prasad Uniyal) ने पंचांग गणना और महाराजा की जन्म कुंडली देखकर विधि-विधान से कपाट खुलने की तिथि तय की। इस प्रक्रिया के साथ ही गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा (Gadu Ghada Tel Kalash Yatra) का दिन भी घोषित किया गया।
श्रद्धालुओं और समिति सदस्यों की उपस्थिति:
समारोह में महाराजा मनुजयेंद्र शाह (Maharaja Manujayendra Shah), सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह (Mala Rajyalakshmi Shah), बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी (Hemant Dwivedi), रावल अमरनाथ नंबूदरी (Rawal Amarnath Namboodri), उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती (Rishi Prasad Sati), उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण (Vijay Kaprawan), बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल (Vijay Prasad Thapliyal) और मंदिर समिति के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती (Shrinivas Posti) समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
यात्रा व्यवस्थाओं पर जोर:
बीकेटीसी ने बताया कि कपाट खुलने के बाद देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर समिति ने कार्य योजनाओं का अंतिम रूप दे दिया है। अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि इस बार यात्रा सुरक्षित और सुगम होगी।
श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह:
श्रद्धालुओं ने बताया कि बसंत पंचमी और कपाट खुलने का पर्व हर भक्त के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वे इस अवसर पर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मंदिर पहुंचते हैं और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस उत्सव में शामिल होते हैं। मंदिर समिति ने सभी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं।
संबंधित आयोजन और तैयारी:
श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत (Shri Dimri Dharmik Kendra Panchayat) के प्रतिनिधियों ने गाडू घड़ा तेल कलश (Gadu Ghada Tel Kalash) को राजमहल के सुपुर्द किया। इससे पहले बीकेटीसी ने यात्रा और दर्शन के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लिया है।
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