अलीगढ़: एएमयू छात्रा की मौत पर छात्रों ने जताया विरोध, निकाला कैंडल मार्च
अलीगढ़ (Aligarh) मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा इर्तिका समीर की मौत के बाद छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर शोक जताया। मृतक छात्रा की आत्मा की शांति के लिए निकाले गए इस मार्च में छात्रों ने हिस्सा लिया और पूरे मामले की जांच की मांग उठाई। छात्रों ने युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
छात्रा की मौत के बाद निकाला कैंडल मार्च:
इर्तिका समीर की मौत के बाद एएमयू (AMU) के छात्रों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च डक पॉइंट से बाबे सैयद गेट तक निकाला गया। इस दौरान छात्रों ने मृतक छात्रा के प्रति संवेदना व्यक्त की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखी।
छात्रों ने कहा कि ऐसी घटनाओं के कारणों को समझने और उन्हें रोकने के लिए युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से भी पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
आईजी हाल में हुई थी छात्रा की मौत:
छात्रों के अनुसार बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाली इर्तिका समीर एएमयू के आईजी हाल (IG Hall) में रहती थीं। वहीं कमरे में उनकी मौत हुई थी। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बीच शोक का माहौल बना हुआ है।
कैंडल मार्च के माध्यम से छात्रों ने मृतक छात्रा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही छात्रों ने ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
युवाओं में बढ़ती घटनाओं पर जताई चिंता:
कैंडल मार्च में शामिल एएमयू छात्रों ने युवाओं में आत्महत्या की घटनाओं को लेकर चिंता जताई। छात्रों ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में युवाओं के बीच आत्महत्या के आंकड़े चिंता का विषय हैं।
छात्रों ने कहा कि 15 से 25 वर्ष की उम्र के युवाओं के बीच ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष रूप से जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार से इस दिशा में गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।
एएमयू प्रशासन से जांच की मांग:
छात्रों ने इर्तिका समीर की मौत के पूरे मामले की एएमयू प्रशासन से जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की समस्याओं को समझने और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए।
जागरूकता कार्यक्रम चलाने की अपील:
एएमयू छात्रों ने युवाओं को जागरूक करने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई। छात्रों का कहना है कि युवाओं के सामने आने वाली परेशानियों और मानसिक दबाव को समझना जरूरी है, ताकि उन्हें समय रहते उचित सहयोग मिल सके।
छात्रों ने यह भी कहा कि परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। माता-पिता को अपने बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार रखना चाहिए, ताकि बच्चे अपनी परेशानियों और चिंताओं को खुलकर साझा कर सकें। छात्रों के अनुसार परिवार और शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर सहयोग और संवाद का माहौल मजबूत करने से युवाओं को कठिन परिस्थितियों से निपटने में मदद मिल सकती है।
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रिपोर्टर: जेड ए खान
