बलिया में कोर्ट के आदेश के बावजूद निर्माण जारी, डीएम से कार्रवाई की गुहार
बलिया (Ballia) जनपद के सिकंदरपुर (Sikanderpur) तहसील क्षेत्र से न्यायालय के आदेश की कथित अनदेखी का मामला सामने आया है। पीड़ित अरविंद कुमार वर्मा ने आरोप लगाया है कि न्यायालय द्वारा स्थगनादेश दिए जाने के बावजूद विवादित भूमि पर दबंगों की ओर से जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पैतृक भूमि पर कब्जे और निर्माण का आरोप:
पीड़ित अरविंद कुमार वर्मा के अनुसार मौजा चक मुबारक, परगना सिकंदरपुर पूर्वी स्थित पैतृक भूमि आराजी संख्या 146(स), रकबा 0.0040 हेक्टेयर पर उनका और अन्य हिस्सेदारों का अधिकार है। आरोप है कि रविंद्र वर्मा, हरेन्द्र वर्मा समेत अन्य लोग उक्त भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और वहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
पीड़ित का कहना है कि भूमि को लेकर विवाद पहले से न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विवादित भूमि पर निर्माण कार्य जारी रहने से उन्हें अपने अधिकारों को लेकर चिंता है।
न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्माण जारी रखने का आरोप:
अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि भूमि विवाद को लेकर उन्होंने न्यायालय सिविल जज के समक्ष वाद संख्या 319/26 दाखिल किया था। उनके अनुसार, न्यायालय ने 29 मई 2026 को विवादित आराजी पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
पीड़ित का दावा है कि न्यायालय के आदेश की जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों के साथ-साथ उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर को भी दी गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि विवादित भूमि पर निर्माण कार्य कराया जाता रहा।
एसडीएम के निर्देश के बाद भी कार्रवाई का आरोप:
पीड़ित के मुताबिक, उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर ने विपक्षी पक्ष को अपनी भूमि आराजी संख्या 147/2 पर निर्माण करने का निर्देश दिया था। साथ ही विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करने के लिए कहा गया था।
अरविंद कुमार वर्मा का आरोप है कि इन निर्देशों के बावजूद विवादित भूमि पर निर्माण कार्य जारी रखा गया। उन्होंने प्रशासन से मामले में मौके की स्थिति स्पष्ट कराने और न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
एसडीएम से मुलाकात नहीं होने का भी आरोप:
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर की ओर से मौके का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करने की कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि 11 अगस्त 2026 को वह अपने अधिवक्ताओं के साथ एसडीएम से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मुलाकात करने की अनुमति नहीं दी गई।
पीड़ित के अनुसार, मामले में प्रशासनिक स्तर पर तत्काल हस्तक्षेप जरूरी है, ताकि विवादित भूमि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके और न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा सके।
डीएम से तत्काल कार्रवाई की मांग:
मामले को लेकर अरविंद कुमार वर्मा ने जिलाधिकारी से प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि न्यायालय के स्थगनादेश का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए और उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर को मौके पर भेजकर कथित निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाए।
पीड़ित ने प्रशासन से पूरे मामले की स्थिति की जांच कराने और न्यायालय के आदेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। अब मामले में जिला प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
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रिपोर्टर: अमित कुमार