लखनऊ: मानसून की बारिश से एफएमसीजी क्षेत्र में तेजी की उम्मीद
लखनऊ (Lucknow) में शेयर बाजार और मानसून के बीच संबंध को लेकर बाजार विशेषज्ञों ने अपनी राय साझा की है। जी मल्टी ट्रेंडिंग एंड सर्विस (G Multi Trending and Service) के निदेशक कमरुद्दीन खान (Qamruddin Khan) के अनुसार, धार्मिक त्योहारों और मान्यताओं का शेयर बाजार पर सीधे तौर पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता। बाजार में धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा प्रमुख अवसर दिवाली के दौरान होने वाला मुहूर्त कारोबार है, जब बाजार विशेष रूप से सीमित समय के लिए खुलता है।
सावन और मानसून का एफएमसीजी क्षेत्र पर असर:
कमरुद्दीन खान के अनुसार सावन के साथ मानसून का मौसम एफएमसीजी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। समय पर और अच्छा मानसून होने से कृषि उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ता है। विशेष रूप से चावल और अन्य फसलों के उत्पादन में बेहतर स्थिति बनने की उम्मीद रहती है।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से किसानों को दी जा रही सब्सिडी और उन्नत बीजों के इस्तेमाल से पिछले 10 वर्षों में प्रति हेक्टेयर पैदावार में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कृषि उत्पादन में सुधार का असर बाजार के विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
बड़े कारोबारी समूहों का एफएमसीजी क्षेत्र में विस्तार:
विशेषज्ञ ने बताया कि रिलायंस (Reliance) और अडानी (Adani) जैसे बड़े व्यावसायिक समूह भी एफएमसीजी क्षेत्र में अपना विस्तार कर रहे हैं। इससे इस क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियों को लेकर बाजार में उम्मीदें बनी हुई हैं।
मानसून के दौरान कृषि उत्पादन बेहतर रहने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता मांग से जुड़े क्षेत्रों के लिए भी परिस्थितियां महत्वपूर्ण हो सकती हैं। एफएमसीजी क्षेत्र के संदर्भ में सावन और मानसून के मौसम को इसी वजह से अहम माना जा रहा है।
धार्मिक त्योहारों का बाजार पर सीधा असर नहीं:
कमरुद्दीन खान ने कहा कि धार्मिक त्योहारों का शेयर बाजार पर कोई खास सीधा असर नहीं पड़ता है। बाजार में धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा प्रमुख अवसर दिवाली का मुहूर्त कारोबार है। इस दौरान शेयर बाजार विशेष रूप से सीमित अवधि के लिए खुलता है।
इस तरह सावन को लेकर बाजार में धार्मिक गतिविधियों के बजाय मानसून और उससे जुड़े आर्थिक प्रभावों को अधिक महत्वपूर्ण माना जा सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार कृषि उत्पादन और उपभोक्ता क्षेत्र की गतिविधियां बाजार के लिए अधिक अहम भूमिका निभाती हैं।
पेट्रोल-डीजल पर बढ़े कर से महंगाई की चिंता:
हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर बढ़ाए गए कर का जिक्र करते हुए विशेषज्ञ ने इसके महंगाई पर संभावित असर की बात कही। उनके अनुसार ईंधन महंगा होने से सीधे तौर पर महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है।
उन्होंने कहा कि भारत में मध्यम वर्ग की बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम जनता की जेब पर पड़ सकता है। इसके साथ ही बाजार की धारणा पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
बाजार की धारणा पर भी पड़ सकता है असर:
विशेषज्ञ के अनुसार ईंधन की बढ़ी लागत और महंगाई का दबाव आम लोगों के खर्च को प्रभावित कर सकता है। चूंकि मध्यम वर्ग का अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए ईंधन की कीमतों में बदलाव का असर बाजार की धारणा पर भी पड़ सकता है।
वहीं दूसरी ओर मानसून और कृषि उत्पादन की स्थिति एफएमसीजी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। बेहतर मानसून, कृषि उत्पादन में सुधार और बड़े कारोबारी समूहों के इस क्षेत्र में विस्तार को बाजार के नजरिए से अहम माना जा रहा है।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Lucknow #Monsoon #Sawan #FMCG #ShareMarket