रिपोर्टर : जेड ए खान
अलीगढ़ ([Aligarh]) में मुस्लिम धर्मगुरुओं ([Muslim Religious Leaders]) ने एसीएम प्रथम ([ACM Pratham]) विनीत मिश्रा ([Vineet Mishra]) को ज्ञापन देकर वक्फ संपत्तियों ([Waqf Properties]) के सही तरीके से पोर्टल पर दर्ज न होने और फर्जी दस्तावेजों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि संपत्तियों को जल्द अपडेट और सुरक्षित नहीं किया गया, तो वक्फ संपत्तियों पर खतरा बढ़ सकता है।
धर्मगुरुओं का प्रतिनिधिमंडल और ज्ञापन:
अलीगढ़ में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसीएम प्रथम विनीत मिश्रा से मुलाकात की। उन्होंने वक्फ संपत्तियों की नियमित निगरानी और पोर्टल ([Umeed Portal]) पर दर्ज ना होने वाले विवरणों को लेकर चिंता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत सरकार ने वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह पोर्टल शुरू किया है। इसके माध्यम से संपत्तियों की पूरी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित होनी चाहिए।
वक्फ संपत्तियों पर कब्जे और फर्जी दस्तावेज:
धर्मगुरुओं ने बताया कि कुछ संपत्तियों पर भूमाफियाओं ([Land Mafia]) का कब्जा है और कुछ मामलों में मुतवल्ली ([Mutawalli]) की मिलीभगत से संपत्तियां विवादों में फंसी हैं। कई मुतवल्ली केवल आंशिक विवरण अपलोड कर रहे हैं, जबकि कुछ स्थानों पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके वक्फ भूमि को निजी स्वामित्व में बदलने के प्रयास भी सामने आए हैं।
एसीएम प्रथम से मांग:
प्रतिनिधिमंडल ने एसीएम प्रथम विनीत मिश्रा से मांग की कि वे इस मामले में त्वरित कार्रवाई करें और पोर्टल पर सभी संपत्तियों का विवरण पूर्ण रूप से अपडेट कराया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भविष्य में संपत्तियों पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोका जा सकेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया और महत्व:
अलीगढ़ के मुस्लिम समुदाय ([Muslim Community, Aligarh]) के लिए वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये संपत्तियां धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। धर्मगुरुओं का मानना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह संपत्तियां न केवल कानूनी विवादों में फंस सकती हैं बल्कि समुदाय के लिए आर्थिक और सामाजिक नुकसान भी उत्पन्न कर सकती हैं।
सरकार और प्रशासन की भूमिका:
एसीएम प्रथम विनीत मिश्रा ने ज्ञापन प्राप्त होने के बाद आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई तुरंत की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि पोर्टल पर संपत्तियों की नियमित निगरानी और फर्जी दस्तावेजों की पहचान के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी।
आगे की प्रक्रिया:
धर्मगुरुओं ने कहा कि वे नियमित रूप से प्रशासन से सम्पर्क बनाए रखेंगे और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी करेंगे। समुदाय का यह भी कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ([Digital Platform]) पर सभी संपत्तियों का पूर्ण विवरण होने से पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत होंगे।
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Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।
