रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ (Aligarh) में सर्दी की दस्तक ने नगर निगम (Municipal Corporation) की असंवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल जैसे रेलवे स्टेशन (Railway Station), बस स्टैंड (Bus Stand), शमशाद मार्केट (Shamshad Market) और कठपुतला (Kathputla) पर गरीब परिवार फुटपाथ पर अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं। हर साल नगर निगम सर्दी से बचाव के लिए अलाव और रैन बसेरों (Night Shelters) की व्यवस्था करता है, लेकिन इस बार यह व्यवस्था नदारद रही।

गरीब परिवारों की परेशानियां:
इस सर्दी में गरीब परिवारों के मासूम बच्चे, वृद्ध और बीमार लोग खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। तापमान में गिरावट के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नागरिकों और राहगीरों ने अपने स्तर पर कपड़े और कूड़ा करकट जला कर गर्मी पाने की कोशिश की। यह स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सार्वजनिक स्थानों की हालत:
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मार्केट क्षेत्र में फुटपाथ पर रहने वाले लोगों की हालत दयनीय है। कई लोग इन स्थानों पर अस्थायी रूप से रहने के लिए कूड़ा करकट और पुराने कपड़े इकट्ठा कर अलाव जला रहे हैं। कठपुतला क्षेत्र में कुछ परिवारों ने रेत और लकड़ी के ढांचे बनाकर अपनी रातें काटी हैं।
नगर निगम की जिम्मेदारी:
हर साल सर्दियों के मौसम में नगर निगम गरीबों के लिए अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था करता है। लेकिन इस बार निगम की इस जिम्मेदारी में लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की तरफ से कोई जानकारी या दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। इससे गरीब और असहाय लोग अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
स्थानीय नागरिक और राहगीर नगर निगम की इस उदासीनता पर नाराज हैं। उनका कहना है कि गरीबों की मदद के लिए प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नगर निगम सर्दियों के लिए उचित इंतजाम नहीं करता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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