रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ (Aligarh) पहुंची साध्वी प्राची ने बुर्का, कुरान, मदरसे, समाजवादी पार्टी और सांता क्लोज को लेकर कई तीखे बयान दिए। उनके बयानों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। साध्वी प्राची ने अलग-अलग घटनाओं और मुद्दों का हवाला देते हुए अपने विचार रखे और कहा कि कुछ मामलों में धर्म की आड़ में सवाल खड़े किए जाते हैं, जबकि अन्य घटनाओं पर चुप्पी साध ली जाती है।
बुर्का और धर्म खतरे पर टिप्पणी:
साध्वी प्राची ने कहा कि बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) यदि बुर्का या हिजाब हटाने की बात करते हैं तो कुछ लोगों को लगता है कि उनका धर्म खतरे में आ गया है। उन्होंने सवाल किया कि जब अन्य गंभीर घटनाएं होती हैं, तब धर्म के खतरे की बात क्यों नहीं उठती। उनके अनुसार, मुद्दों को चुनिंदा तरीके से उठाया जाता है।
शामली की घटना का जिक्र:
अपने बयान में साध्वी प्राची ने शामली (Shamli) की एक घटना का उल्लेख किया, जहां बुर्का न पहनने को लेकर एक व्यक्ति द्वारा पत्नी और दो बेटियों की हत्या किए जाने की बात कही गई। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी घटना के समय धर्म खतरे में क्यों नहीं माना जाता। उन्होंने इस उदाहरण के जरिए सामाजिक सोच पर सवाल खड़े किए।
बांग्लादेश की घटना पर बयान:
साध्वी प्राची ने बांग्लादेश (Bangladesh) की प्रधानमंत्री से जुड़ी एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वहां सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक कृत्य होते हैं, तब मुस्लिम धर्म के खतरे की बात सामने नहीं आती। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर भी समान दृष्टि से विचार होना चाहिए।
बुर्का और फर्जी वोटिंग का आरोप:
साध्वी प्राची ने दावा किया कि बुर्का पहनकर फर्जी वोटिंग की जाती है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से बुर्का पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए इस विषय पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
मदरसों और कुरान पर बयान:
अपने बयान में साध्वी प्राची ने मदरसों और कुरान पर प्रतिबंध की बात भी कही। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो अपराधों पर रोक लगेगी। इस बयान को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है और विभिन्न वर्गों में इसे लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सपा सांसद पर निशाना:
साध्वी प्राची ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के सांसद आरके चौधरी (R K Chaudhary) के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें हिंदू पद्धति से शव दाह संस्कार को प्रदूषण से जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अब नवाजवादी पार्टी बन गई है। उनका कहना था कि करोड़ों बीघे में बने कब्रिस्तानों से प्रदूषण नहीं बढ़ता क्या, यह सवाल भी उठाया जाना चाहिए।
ईद और प्रदूषण पर टिप्पणी:
साध्वी प्राची ने ईद के मौके पर सड़कों पर होने वाली गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि बकरे काटे जाते हैं और उनके अवशेष सड़कों पर डाले जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या उस समय प्रदूषण समाजवादी पार्टी को नजर नहीं आता। इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
सांता क्लोज को लेकर बयान:
आगामी 25 दिसंबर को लेकर भी साध्वी प्राची ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि सांता क्लोज केवल स्कूलों में ही क्यों जाते हैं, मदरसों में क्यों नहीं जाते। उन्होंने इस बयान के जरिए सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों पर भी सवाल खड़े किए।
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