गाजीपुर : UBI ब्रांच मैनेजर के कार के धक्के से दो युवक गंभीर रूप से हुए घायल, मैनेजर ने दिखाई हैवानियत

मरदह। स्थानीय थाना क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया शाखा के बगल में चार चक्का वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मारा । इस घटना में दोनों युवक गम्भीर रूप से घायल हो गये। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से दोनों को निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों ने 108 एम्बुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मरदह ले गये। जहां उपचार के बाद एक की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर, एक को घर के लिए छोड़ दिया गया।

जानकारी के अनुसार बाइक मैकेनिक सूर्यभान राम उम्र 20 वर्ष पुत्र कालिका प्रसाद निवासी-राजगीरपुर व राजू राम 22 वर्ष पुत्र रामजीत राम निवासी -नायकडीह,थाना- दुल्लहपुर बाइक पर सवार होकर मरदह की तरफ से बस स्टैंड की तरफ जा रहे थे। बाइक राजू राम चला रहा था। जैसे ही बाइक यूबीआई बैंक से चंद कदम आगे पहुँचा की सामने से अचानक यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के शाखा प्रबंधक प्रकाश बादल ने अपने कार को बिना संकेत दिए अचानक घूमा दिया। जिससे बाइक को जोरदार टक्कर लग गई।जिससे वह युवक सड़क पर गिर गये।

चोट लगा देख ग्रामीण तुरंत दोनों को उठाकर अस्पताल में भर्ती कराएं।उसके बाद इंसानियत को शर्मशार करते हुए तुरंत आग बबूला हुए शाखा प्रबंधक ने घायल युवकों पर रौब दिखाते हुए गाली गलौच देते हुए उनके बाइक की चांभी ले ली। जो की इस घटना में शत् प्रतिशत दोषी शाखा प्रबंधक ही रहे थे।जब अगल बगल के लोग इस मामले को लेकर प्रबंधक के कारनामें का विरोध करने लगे तो शाखा प्रबंधक ने अपना प्रभाव दिखाते हुए बिना किसी लिखित सूचना के थाने से अपने मनचाहे दो सिपाहियों को फोन करके घटना स्थल पर बुलाकर घायलों कि बाइक को थाने भेजवा कर अपने कार से मौके से फरार हो गये।

इस मामले में पुलिस ने भी शाखा प्रबंधक के तरफ से घंटो तारीफदारी की परन्तु घंटो बाद जब पुलिस की किरकिरी होने लगी तो पुलिस ने घायलों कि बाइक वापस की।पीड़ित ने इस मामले में डायल 112 पुलिस को फोन किया पुलिस आई मौके पर पूछताछ कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।

थाने में शाखा प्रबंधक प्रकाश बादल के खिलाफ नामजद तहरीर दी। उसके बाद भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।फिर पीड़ितो ने खुद 108 एम्बुलेंस को फोन कर उससे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मरदह गये। जहाँ से चिकित्सक ने इलाज के दौरान सूर्यभान राम उम्र 20 वर्ष को जिलााअस्पताल रेफर कर दिया। और राजू राम को घर के लिए छोड़ दिया।

इस घटना को लेकर पुलिस व बैंक शाखा कर्मचारियों का पूरे क्षेत्र में काफी किरकिरी हो रहा है।जो कि घायलों का कुशलक्षेम जानने का ज़हमत न उठाते हुए उन्ही को दोषी मानते रहे।जो कि इस घटना के दर्जनों प्रत्यक्षदर्शी है कि शत् प्रतिशत गलती शाखा प्रबंधक प्रकाश बादल की है। जो मौके की नजाकत को देखते हुए शाखा छोड़ कर कार को लेकर धीरे से खिसक लिए।

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