संवादाता : शैलेन्द्र शर्मा
आजमगढ़ | एक तरफ जहां प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन ग्रामीणों व प्रवासियों के रोजगार सृजन के लिए मनरेगा के तहत गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है वही सदर तहसील के चकिया ब्लाक के असाउर गांव का प्रधान ग्रामीणों से मनरेगा में काम करा कर उन्हें मजदूरी नहीं दे रहा है.
प्रमुख बातें :
- दबंग प्रधान नहीं दे रहा मनरेगा की मजदूरी
- आवास पास करवाने के नाम पर प्रधान मांगता है धन
ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा न्याय की गुहार लगाई ग्रामीणों का कहना है कि हमारे गांव के प्रधान पति द्वारा हम लोगों का लगातार शोषण किया जाता है मनरेगा में काम करने के बाद भी मजदूरी नहीं देता और अगर किसी ग्रामीण को मजदूरी मिल भी जाती है तो उसमें से कुछ रुपए वापस मांगता है रुपए नहीं देते हैं तो मनरेगा की सूची से नाम काटने की धमकी प्रधान पति के द्वारा दी जाती है इतना ही नहीं आवास पास करवाने के नाम पर भी रुपए की मांग प्रधान पति द्वारा की जाती है ग्रामीणों ने मंडलायुक्त से न्याय की गुहार लगाई.

