संवादाता: हसीन अंसारी
ग़ाज़ीपुर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति के निर्देशानुसार दिनांक 21 सितंबर को बिजली कर्मचारियों ने फिर भरा हुंकार।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर बिजली के निजीकरण के विरोध में आज फिर 21सितंबर 2020 को पूरे जनपद में उपखंड स्तर पर 09 जगह चिन्हित कर विरोध सभा सायं 4:00 से 5:00 तक आयोजित की गई विरोध प्रदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के प्रस्ताव पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुवे जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर संबोधित करते हुवे कहा कि संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन की विफलता की ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी का ध्यानाकर्षण करते हुए उनसे अपील की है की महामारी के दौरान कोरोना योद्धा की तरह निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने वाले बिजली कर्मियों पर भरोसा रखा जाए और निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त किया जाए |
जिला संरक्षक शिवदर्शन सिंह ने चेतावनी भरी लब्जो में कहा कि यदि पूर्वांचल विद्युत् वितरण निगम के विघटन व् निजीकरण की दिशा में एक भी और कदम उठाया गया तो बिना और कोई नोटिस दिए हुवे सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजलीकर्मी उसी क्षण अनिश्चितकालीन आंदोलन करेगे जिसमे पूर्ण हड़ताल भी होगी जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबंधन व् सरकार की होगी | आगे उन्होंने सभी बिजली कर्मियों से अनिश्चितकालीन हड़ताल और सामूहिक जेल भरो आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
सभा मे मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता महेंद्र मिश्रा, सहायक अभियंता विजय यादव, शत्रुघ्न यादव,अमित कुमार,अभिषेक राय, मिठाईलाल,सुरेश चाचा, सत्यनारायण चौरसिया, अवर अभियंता संतोष मौर्य,इंद्रजीत पटेल,अविनास सिंह,पंकज जायसवाल, रोहित कुमार,तपस कुमार,गुप्तेश्वर राम,रविन्द्र यादव, सुरेश सिंह,पीताम्बर कुशवाहा,जीवन वर्मा,अशोक यादव,धर्मेंद्र यादव,विजय पटेल,रामप्रवेश राम,अखिलेश,अरविंद कुशवाहा,राकेश त्यागी, वीरेंद्र पासवान,संदीप कुमार,अनमोल मिश्रा, अमित सिंह,अश्वनी सिंह,अजय विश्वकर्मा, प्रवीण सिंह,विनय तिवारी,शिवराम सिंह,गोलू सिंह,तेजस,आदर्श सिंह,पीयूष कुमार,रामबिलास यादव,विश्वजीत सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।