ग़ाज़ीपुर। करंडा थाना क्षेत्र के रामपुर माझा चौकी अंतर्गत छपरा गांव में ग्राम प्रधान और लेखपाल की मिलीभगत सामने आई है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसकी झोपड़ी और उसके पास स्थित बरगद के पेड़ को बिना अनुमति जेसीबी लगाकर उजाड़ दिया गया।
80 वर्षीय सुरेश निषाद का कहना है छपरा गांव में आराजी नंबर 54 पर उसका हक है जिसकी खतौनी उसके पास है जिसको लेकर उसने न्यायालय में मुकदमा भी दायर किया है लेकिन इन सबके बावजूद लेखपाल और ग्राम प्रधान ने मिलकर बिना अनुमति पुलिस के सामने उसकी झोपड़ी और उसके समीप स्थित विशालकाय पेड़ को जेसीबी लगाकर उजाड़ दिया। उनके और उनके परिवार द्वारा विरोध करने पर उन्हें धमकी भी दी गई। सुरेश निषाद का कहना है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत चौकी इंचार्ज से की तो उसने कहा कि मुकदमे का कोई मतलब नहीं होता। तुम भाग जाओ यहां से।
सुरेश निषाद गहरे सदमे में हैं और इधर उधर भटक कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं देखने वाली बात यह है कि क्या जिला अधिकारी या प्रशासन मानवता का परिचय देते हुए कानून और सुरेश निषाद को उनका हक दिलवा ती है या नहीं।

