भगवान राम पर दिए TMC विधायक के बयान पर भड़के बृजभूषण शरण सिंह, बोले- मुस्लिम भी राम की ही संतान
रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक मदन मित्रा के भगवान राम से जुड़े बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविकता को समझे बिना दिए गए ऐसे बयान न केवल ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करते हैं। अयोध्या में उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
भगवान राम और सनातन परंपरा पर टिप्पणी:
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि 10 से 15 प्रतिशत लोगों को अलग कर दिया जाए तो शेष अधिकांश मुस्लिम समाज भी सनातन परंपरा से किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कोई व्यक्ति चार से पांच पीढ़ी पीछे जाकर अपने वंश को देखे, तो यह स्पष्ट होगा कि आज के अधिकांश मुस्लिम पहले हिंदू ही थे। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज भी भगवान राम की ही संतान है और मूल रूप से सनातनी परंपरा से जुड़ा हुआ है।
मनु से राम तक की परंपरा का उल्लेख:
उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि परंपरा के अनुसार सृष्टि की शुरुआत मनु से मानी जाती है और यही परंपरा आगे बढ़ते हुए भगवान राम तक आती है। ऐसे में यदि कोई यह कहता है कि भगवान राम मुस्लिम थे, तो इसका सीधा अर्थ यह होगा कि वह स्वयं भी पहले हिंदू था। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान इतिहास और परंपरा की गलत व्याख्या पर आधारित हैं।
टीएमसी विधायक के बयान पर सख्त रुख:
मदन मित्रा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां केवल राजनीतिक लाभ के लिए की जाती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के आधार हैं। ऐसे में उनके बारे में आपत्तिजनक या भ्रामक बयान देना करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करता है।
एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल:
बृजभूषण शरण सिंह ने इस दौरान एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा वोट हिंदुओं के कट रहे हैं। उनका कहना था कि गोंडा (Gonda) जिले में सबसे अधिक वोट ब्राह्मण समाज के कटे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि चार से पांच करोड़ वोट कटेंगे और इनमें सबसे अधिक नुकसान हिंदू मतदाताओं का होगा।
विपक्ष पर साधा निशाना:
उन्होंने कहा कि जनता अब इन बातों को समझ चुकी है, लेकिन विपक्ष इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उनका आरोप था कि विपक्ष पहले से ही अपनी संभावित हार का बहाना तलाश रहा है और चुनाव में हारने के बाद एसआईआर प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराएगा। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
शोक संवेदना के दौरान दिया बयान:
गौरतलब है कि बृजभूषण शरण सिंह अयोध्या जिले के पूराकलंदर (PuraKalandar) क्षेत्र के फिरोजपुर (Firozpur) गांव में हनुमान सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे थे। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बयान दिया, जो अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी हलचल:
अयोध्या में दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। समर्थक जहां इसे सांस्कृतिक एकता की बात बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इस बयान पर सियासी प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
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