फ़र्ज़ी मुक़दमों में फंसाए जा रहे मुसलमानों के साथ खड़ी है कांग्रेस- शाहनवाज़ आलम
सपा की भाजपा से वैचारिक निकटता को मुसलमान समझने लगा है- शाहनवाज़ आलम
आज़म खान के साथ सपा का बर्ताव दुखी करने वाला
कभी सपा के गढ़ रहे इटावा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अखिलेश पर लगाया मुस्लिम विरोधी होने का आरोप
इटावा 13 सितंबर 2020। अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने योगी सरकार पर बेगुनाह मुसलमानों को एनएसए, गुंडा एक्ट और गौकशी के फ़र्ज़ी आरोपों में फंसाने का अभियान चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी तमाम मुद्दों पर मुस्लिम विरोधी रुख अख़्तियार करने का आरोप लगाया है।
इटावा के एक होटल में अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाहनवाज़ आलम ने कहा कि क़ानून व्यवस्था और रोज़गार के मुद्दे पर विफ़ल योगी सरकार बेगुनाह मुसलमानों को जेल भेज रही है। जबकि तमाम अपराधी योगी जी के खुले संरक्षण में फल-फूल रहे हैं। बेरोजगारी इस चरम पर पहुँच चुकी है कि युवाओं को थाली बजानी पड़ रही है। सारे कुटीर और मध्यम उद्योग बंद हैं। सिर्फ़ अपहरण उद्योग को सरकार बढ़ावा दे रही है।
कभी सपा का गढ़ कहे जाने वाले ज़िले में शाहनवाज़ आलम ने आरोप लगाया कि सपा ने 19 प्रतिशत आबादी वाले मुस्लिम समाज से वोट तो लिया लेकिन न तो पिछड़े मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में समायोजित किया और ना ही एनआरसी विरोधी आंदोलन में मारे और फंसाए जा रहे मुसलमानों के साथ ही सपा खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के संसदीय सीट आज़मगढ़ तक में एनआरसी का विरोध कर रही मुस्लिम महिलाओं पर पुलिसिया दमन हुआ लेकिन वहां के सांसद होने के नाते भी अखिलेश यादव उनका हाल जानने नहीं गए। जो सपा के भाजपा से वैचारिक नजदीकी का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के विपरीत कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बनारस और आज़मगढ़ खुद चल कर गयीं और उनको समर्थन दिया।
डॉ कफ़ील खान की रिहाई के लिए अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा चलाए गए 15 दीनी महाभियान की तरह ही आज़म खान की रिहाई के लिए आंदोलन चलाने की किसी योजना के सवाल पर शाहनवाज़ आलम ने कहा कि आज़म खान सपा के नेता हैं। उन्होंने सपा के लिए अपनी पूरी ज़िंदगी दे दी, इसलिए सपा को उनके लिए आंदोलन चलाना चाहिए। लेकिन ऐसा लगता है कि सपा या तो भाजपा के दबाव में है या फिर उसे अपने मुस्लिम नेता के लिए सवाल उठाने से अपने जातिगत वोट के नाराज़ हो जाने का डर है जो पिछले तीन चुनावों से भाजपा की तरफ़ तेज़ी से भागा है। उन्होंने कहा कि जो भी वजह हो, आज़म खान के साथ सपा का रवैय्या दुखी करने वाला है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राशिद खान, प्रदेश सचिव उमर फारूक, सुबूर अली, इफ़्तिख़ार बशीर कारी शाहबाज़ क़ादरी, हाफ़िज़ इदरीस आदि उपस्थित रहे।