भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता Abhinandan Varthaman (अभिनंदन वर्तमान) ने वायुसेना से सेवानिवृत्ति के बाद निजी विमानन क्षेत्र में नई पारी शुरू की है। अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने 31 मार्च 2026 को वायुसेना की सेवा छोड़ी। करीब दो दशक तक वायुसेना में सेवा देने के बाद अब वह निजी विमानन कंपनी FLY91 (फ्लाई91) से जुड़ गए हैं।
न्यूज एजेंसी PTI (पीटीआई) के मुताबिक, अभिनंदन अगस्त में FLY91 (फ्लाई91) से जुड़े हैं। यहां वह वाणिज्यिक यात्री विमान के पायलट के रूप में काम करेंगे। वायुसेना में लंबे समय तक सेवा देने और सैन्य विमान उड़ाने के अनुभव के बाद उनके करियर की यह एक नई दिशा है।
वायुसेना के बाद नागरिक विमानन में प्रवेश:
वायुसेना से सेवानिवृत्त पायलट नागरिक विमानन क्षेत्र में भी काम कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें DGCA (डीजीसीए) के नियमों के अनुसार आवश्यक नागरिक पायलट लाइसेंस, प्रशिक्षण और चिकित्सकीय फिटनेस से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होती हैं। सैन्य विमान उड़ाने का अनुभव नागरिक विमानन में पायलट के लिए उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, सैन्य विमान उड़ाने का अनुभव होने मात्र से कोई पायलट सीधे किसी भी यात्री विमान को उड़ाने के लिए अधिकृत नहीं हो जाता। जिस विमान को उड़ाना है, उसके अनुसार आवश्यक योग्यता और प्रशिक्षण पूरा करना होता है।
एयरबस या बोइंग उड़ाने के लिए अलग योग्यता:
सैन्य पायलट के लिए Airbus (एयरबस), Boeing (बोइंग) या किसी अन्य विशेष विमान को सीधे उड़ाना संभव नहीं है। संबंधित विमान के लिए टाइप रेटिंग और आवश्यक प्रशिक्षण पूरा करना होता है। सैन्य उड़ान के अनुभव को DGCA (डीजीसीए) के नियमों के तहत नागरिक पायलट लाइसेंस की प्रक्रिया में मान्यता मिल सकती है।
एयरलाइन में काम करने के लिए पायलट को जरूरी लाइसेंस और चिकित्सकीय फिटनेस बनाए रखना होता है। इसके अलावा जिस विमान को उड़ाना है, उसके लिए संबंधित योग्यता भी आवश्यक होती है। एयरलाइन अपनी भर्ती और सेवा से संबंधित अलग शर्तें भी निर्धारित कर सकती है।
65 साल तक वाणिज्यिक उड़ान की अनुमति:
भारत में वाणिज्यिक हवाई परिवहन में पायलट की अधिकतम उम्र 65 वर्ष है। 60 से 65 वर्ष की आयु के बीच बहु-चालक संचालन से जुड़ी शर्त लागू होती है। इस दौरान साथ उड़ान भरने वाला दूसरा पायलट 60 वर्ष से कम उम्र का होना चाहिए। 65 वर्ष की उम्र के बाद वाणिज्यिक हवाई परिवहन में पायलट के तौर पर उड़ान नहीं भरी जा सकती।
पुलवामा हमले के बाद शुरू हुआ घटनाक्रम:
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF (सीआरपीएफ) के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई कार्रवाई की थी।
इसके अगले दिन कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमान नियंत्रण रेखा की ओर बढ़े थे। उस समय Abhinandan Varthaman (अभिनंदन वर्तमान) Srinagar (श्रीनगर) एयरफोर्स स्टेशन पर MiG-21 बाइसन स्क्वाड्रन में तैनात थे। वह परिचालन तत्परता से जुड़ी ड्यूटी पर थे।
पाकिस्तानी विमानों का पता चलने के करीब पांच मिनट बाद अभिनंदन को उन्हें रोकने के लिए भेजा गया। आधिकारिक प्रशस्ति-पत्र के मुताबिक, उन्होंने पीछे हट रहे एक दुश्मन विमान का पीछा किया और हवाई लड़ाई के दौरान उसे मार गिराया।
MiG-21 पर मिसाइल लगने के बाद पाकिस्तान में उतरे:
हवाई लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी विमान की ओर से कई बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइलें दागे जाने की जानकारी दी गई है। इनमें से एक मिसाइल अभिनंदन के विमान से टकराई। विमान को नुकसान पहुंचने के बाद उन्होंने इजेक्ट किया और पैराशूट के जरिए पाकिस्तान के इलाके में उतरे।
इसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने उन्हें पकड़ लिया। करीब 60 घंटे हिरासत में रहने के बाद 1 मार्च 2019 को अभिनंदन सुरक्षित भारत लौट आए थे।
बहादुरी के लिए मिला वीर चक्र:
इस कार्रवाई के लिए Abhinandan Varthaman (अभिनंदन वर्तमान) को वर्ष 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वीर चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र के बाद तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है।
भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित प्रशस्ति-पत्र के अनुसार, अभिनंदन ने पाकिस्तानी विमानों की संख्या और तकनीकी बढ़त के बावजूद उनका साहस के साथ मुकाबला किया। उनके आक्रामक रवैये से दुश्मन के विमानों की रणनीति प्रभावित होने की बात प्रशस्ति-पत्र में कही गई है।
FLY91 के गोवा और हैदराबाद में प्रमुख ठिकाने:
FLY91 (फ्लाई91) एक क्षेत्रीय एयरलाइन है, जिसने मार्च 2024 में वाणिज्यिक उड़ानें शुरू की थीं। कंपनी का ध्यान छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने और क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने पर है।
एयरलाइन के बेड़े में फिलहाल छह ATR 72-600 विमान हैं। ये टर्बोप्रॉप विमान कम दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और इनमें करीब 70 यात्रियों के बैठने की क्षमता है।
FLY91 (फ्लाई91) के दो प्रमुख ठिकाने Goa (गोवा) और Hyderabad (हैदराबाद) में हैं। एयरलाइन इन्हीं केंद्रों से अलग-अलग क्षेत्रीय शहरों के बीच उड़ानों का संचालन करती है। वायुसेना में करीब दो दशक की सेवा के बाद Abhinandan Varthaman (अभिनंदन वर्तमान) का निजी विमानन क्षेत्र में प्रवेश उनके करियर की नई पारी के तौर पर देखा जा रहा है।
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