काशीवासियों को न हो तकलीफ: बाढ़ के बीच पीएम मोदी ने संभाला मोर्चा, मेयर-डीएम से पूछी एक-एक इलाके की खैरियत
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। अब तक 16 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी का पानी अब रिहायशी इलाकों में पहुंचने लगा है। कई सड़कों पर पानी भरने के कारण नावों का संचालन हो रहा है। अब तक 407 परिवार अपने घर छोड़ चुके हैं, जबकि काशी के सभी 84 घाट पानी में डूबे हुए हैं। मणिकर्णिका घाट पर भी अंतिम संस्कार छत पर किए जाने की स्थिति बनी हुई है।
इसी बीच काशी के सांसद और प्रधानमंत्री Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) ने वाराणसी के जिलाधिकारी Satyendra Kumar (सत्येंद्र कुमार) और मेयर Ashok Tiwari (अशोक तिवारी) से फोन पर बातचीत कर शहर में बाढ़ के हालात की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्राथमिकता देने और लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने राहत कार्य तेज करने को कहा:
Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बाढ़ की स्थिति के कारण नागरिकों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों तक युद्धस्तर पर राहत पहुंचाने और उन्हें तत्काल जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वाराणसी में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा और वरुणा का पानी अब घरों तक पहुंचने लगा है। सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। बाढ़ की स्थिति के बीच कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं।
काशी के 84 घाट पानी में डूबे:
वाराणसी में बाढ़ का असर गंगा किनारे स्थित घाटों पर भी दिखाई दे रहा है। शहर के सभी 84 घाट पानी में डूबे हुए हैं। मणिकर्णिका घाट पर पानी बढ़ने के कारण छत पर अंतिम संस्कार किए जाने की स्थिति सामने आई है।
बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूबने के कारण सामान्य आवागमन मुश्किल हो गया है।
चित्रकूट में दुकानों और होटलों में घुसा पानी:
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी आसपास की सड़कों पर बह रहा है। बाढ़ के कारण 500 से अधिक दुकानों और करीब 20 से 25 होटलों में पानी घुस गया है। यहां मकान ढहने की घटना में पिता और दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि पत्नी और बेटी की हालत गंभीर बताई गई है।
कानपुर देहात में भी मकान ढहने से दो बच्चों की मौत हो गई। लगातार बारिश के बीच मकान गिरने की इन घटनाओं से प्रभावित इलाकों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
बलिया में गंगा-सरयू उफान पर:
बलिया में गंगा और सरयू नदियां उफान पर हैं। शहर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कई सड़कों पर कमर तक पानी भर गया है, जिसके चलते आवागमन के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है।
सोनभद्र में प्रदेश का सबसे बड़ा रिहंद बांध ओवरफ्लो हो गया है। बांध के छह गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। वहीं बिजनौर में गंगा का पानी हाईवे के ऊपर से बह रहा है। बाढ़ प्रभावित स्थिति के बीच बच्चे बैलगाड़ी से स्कूल जाते दिखाई दे रहे हैं।
67 जिलों में बारिश का अलर्ट:
गुरुवार सुबह झांसी में बारिश हुई। आगरा और जौनपुर समेत 10 जिलों में सुबह के समय बादल छाए रहे, हालांकि दिन बढ़ने के साथ धूप निकल आई। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 67 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बलिया और वाराणसी समेत आठ जिलों में कक्षा आठ तक के स्कूल बंद किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
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