भारत को तमाम संघर्षों के बाद आजादी मिली। 1942 में जब द्वितीय विश्व युद्ध अपने चरम पर था तब देश आजादी के सपने को साकार करने में लगा हुआ था। गांधीजी के अगुवाई में तमाम आंदोलन हो रहे थे। गांधी जी ने 8 अगस्त 1942 को करो या मरो का नारा दिया। इस नारे ने देश के वीर क्रांतिकारियों में जोश भर दिया। देश के वीर क्रांतिकारियों ने बिगुल फूंक दिया और देश के कई कोनों में तिरंगा झंडा लहरा गया था। इन्हीं वीर क्रांतिकारियों में थे जुनैद आलम और उनके साथी। जिन्होंने गाजीपुर के नंदगंज थाने में आग लगा दी थी और तिरंगा फहरा दिया था। इस डॉक्यूमेंट्री में इनके संघर्षों पर प्रकाश डाला गया है। यहां देखें:









