लखनऊ: योगी सरकार का बुनकरों को बड़ा तोहफा, अस्पतालों से विश्वविद्यालयों तक होगी हथकरघा उत्पादों की खरीद

लखनऊ (Lucknow), 1 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने और प्रदेश के बुनकरों को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकारी संस्थानों में स्थानीय स्तर पर निर्मित हथकरघा उत्पादों की खरीद को प्रोत्साहित करेगी। इसी क्रम में मंगलवार को विधान भवन स्थित कक्ष संख्या-80 में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान (Rakesh Sachan) की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों और शासकीय उपक्रमों में इस्तेमाल होने वाली बेडशीट और गॉज बैंडेज की खरीद एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

सरकारी खरीद को बुनकरों के बाजार से जोड़ा जाएगा:

बैठक में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश के बुनकरों को सरकारी खरीद का बाजार उपलब्ध कराना योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी संस्थानों में स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार गुणवत्तापूर्ण वस्त्रों की खरीद बढ़ने से बुनकर परिवारों को रोजगार और आर्थिक मजबूती मिलेगी। साथ ही प्रदेश में तैयार होने वाले हथकरघा उत्पादों के लिए स्थायी बाजार विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

सरकारी संस्थानों की आवश्यकताओं को प्रदेश में काम कर रहे बुनकरों के उत्पादन से जोड़ने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को सरकारी खरीद में स्थान मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में बनी कार्ययोजना:

7 अगस्त 2026 को लोकभवन, लखनऊ (Lok Bhavan, Lucknow) में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सरकारी विभागों और शासकीय उपक्रमों में इस्तेमाल होने वाली बेडशीट एवं गॉज बैंडेज की खरीद सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को हुई बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में खरीद, उत्पादन, गुणवत्ता और आपूर्ति से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई।

प्रदेश में 2,13,107 बुनकर कार्यरत:

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 2,13,107 बुनकर कार्यरत हैं। बेडशीट और गॉज बैंडेज के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के वस्त्रों का उत्पादन प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में बुनकरों द्वारा किया जा रहा है।

सरकारी खरीद में इन उत्पादों को प्राथमिकता मिलने से बुनकरों के तैयार माल को व्यापक बाजार मिल सकेगा। इसके साथ ही पारंपरिक बुनकरी व्यवसाय से नई पीढ़ी को जोड़ने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। इससे बुनकरी से जुड़े परिवारों के लिए रोजगार और आर्थिक मजबूती का आधार तैयार करने पर जोर रहेगा।

अस्पतालों और विश्वविद्यालयों में होगी आपूर्ति:

समीक्षा बैठक में प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जरूरत के अनुसार बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड (Uttar Pradesh State Handloom Corporation Limited) के माध्यम से सुनिश्चित किए जाने पर चर्चा हुई।

इसके लिए प्रदेश की बुनकर सहकारी समितियों और बुनकरों से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कराया जाएगा। संबंधित चिकित्सा संस्थानों द्वारा अपनी जरूरत के अनुसार मांग और क्रय आदेश समय से जारी किए जाने की व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार किया गया।

गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति पर जोर:

मंत्री राकेश सचान ने सरकारी संस्थानों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थानों को दी जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए।

बैठक में आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नोडल अधिकारियों के नामांकन पर भी चर्चा की गई। नोडल अधिकारी विभिन्न चिकित्सालयों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। वह संबंधित संस्थानों की जरूरत, निर्धारित विशिष्टियों और आपूर्ति से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त कर विभाग को उपलब्ध कराएगा। इससे मांग के अनुसार समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

युवा पीढ़ी को बुनकरी से जोड़ने पर जोर:

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र के लिए निर्धारित आरक्षित वस्तुओं की सरकारी खरीद का उद्देश्य केवल खरीद प्रक्रिया पूरी करना नहीं है। इसका लक्ष्य प्रदेश के बुनकर परिवारों को स्थायी रोजगार और बाजार उपलब्ध कराना भी है।

उन्होंने कहा कि बुनकरों को उनके उत्पादों के लिए सुनिश्चित बाजार मिलने से पारंपरिक बुनकरी से जुड़ी युवा पीढ़ी को भी इस व्यवसाय की ओर आकर्षित करने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश की समृद्ध हथकरघा परंपरा को नई गति देने का प्रयास किया जा सकेगा।

अधिकारियों को कार्ययोजना जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश:

मंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरी कार्ययोजना को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उत्पादों के मानक, गुणवत्ता जांच, दर निर्धारण, मांग प्राप्त करने, क्रय आदेश जारी करने, भुगतान और समयबद्ध आपूर्ति समेत सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए अगले सप्ताह तक आवश्यक बिंदुओं को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद:

समीक्षा बैठक में हथकरघा-वस्त्रोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अनिल सागर (Anil Sagar), विशेष सचिव शेषमणि पांडेय (Sheshmani Pandey), संयुक्त आयुक्त पी.सी. ठाकुर (P.C. Thakur) सहित स्वास्थ्य विभाग और हथकरघा-वस्त्रोद्योग विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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