अलीगढ़ में महिला ड्राइवर और कंडक्टर दे रहीं सुरक्षित यात्रा का भरोसा

अलीगढ़ (Aligarh) में नवदुर्गा के पावन अवसर पर जहां मंदिरों में भक्त नौ देवियों के रूप में महिलाओं की पूजा कर रहे हैं, वहीं सड़क परिवहन व्यवस्था में भी महिलाएं सशक्त भूमिका निभाती नजर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) की पहल के तहत रोडवेज बसों में महिला ड्राइवर और महिला कंडक्टर यात्रियों को सुरक्षित और सहज यात्रा का अनुभव करा रही हैं।

A woman wearing glasses and a scarf speaking into a microphone from behind a counter, with a ledger and paperwork visible.

महिला सशक्तिकरण की मिसाल:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रोडवेज विभाग में महिलाओं को ड्राइवर और कंडक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। इसका प्रभाव अब साफ दिखाई दे रहा है, जहां महिलाएं न केवल अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, बल्कि यात्रियों को भी आत्मीयता और सुरक्षा का एहसास करा रही हैं।

डिपो में महिलाओं की सक्रिय भूमिका:
अलीगढ़ (Aligarh) के अलीगढ़ डिपो (Aligarh Depot), बुद्धविहार डिपो (Buddh Vihar Depot) और अतरौली डिपो (Atrauli Depot) में एक महिला ड्राइवर और लगभग 60 महिला कंडक्टर सेवाएं दे रही हैं। बस स्टैंड पर पूछताछ केंद्र से लेकर स्टाफ प्रबंधन और बस संचालन तक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।

लंबे सफर में निभा रहीं जिम्मेदारी:
महिला कंडक्टर और ड्राइवर प्रतिदिन लगभग 602 किलोमीटर का सफर तय करती हैं। कई बार यह दूरी और भी अधिक हो जाती है, जब वे अलीगढ़ (Aligarh) से लखनऊ (Lucknow) तक का सफर तय करती हैं। इस दौरान वे पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ अपनी सेवाएं देती हैं।

महिला कर्मियों का अनुभव:
महिला कंडक्टर अंशु चौधरी (Anshu Chaudhary) और शिल्पी (Shilpi) ने बताया कि पुरुष प्रधान व्यवस्था में इस तरह की जिम्मेदारी निभाना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वे यात्रियों की सेवा करते हुए खुद को सशक्त और आत्मनिर्भर महसूस करती हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया:
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (Uttar Pradesh State Road Transport Corporation) के अलीगढ़ क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा (Satyendra Kumar Verma) ने बताया कि सरकार की योजना के तहत महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार मिला है, बल्कि यात्रियों, खासकर महिला यात्रियों को भी सुरक्षित माहौल मिला है।

सुरक्षित और सहज यात्रा का माहौल:
रोडवेज बसों में महिला ड्राइवर और कंडक्टर की मौजूदगी से यात्रियों को विशेष रूप से सुरक्षा का एहसास होता है। बसों में टिकट व्यवस्था, यात्रियों से संवाद और संचालन में महिलाएं पूरी दक्षता के साथ अपनी भूमिका निभा रही हैं।

सारांश:
अलीगढ़ (Aligarh) में रोडवेज व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आई है। यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश भी दे रही है।

Disclaimer:
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रिपोर्टर: जेड ए खान

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