गाजीपुर : ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा महिलाओं और किशोरियों किया गया जागरुक

रिपोर्टर: जफ़र इकबाल

गाजीपुर— ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से Grameen Vikas Sansthan (ग्रामीण विकास संस्थान) द्वारा महिला हिंसा उन्मूलन दिवस (25 नवम्बर) से मानवाधिकार दिवस (10 दिसम्बर) तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय 16-दिवसीय अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत खालिसपुर में एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला हिंसा की रोकथाम, बाल विवाह मुक्त भारत का संदेश प्रसारित करना तथा महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना था।

अभियान के उद्देश्य और महत्व:
जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान Grameen Vikas Sansthan (ग्रामीण विकास संस्थान) की असिस्टेंट डायरेक्टर फरहीन और कार्यक्रम प्रबंधक अरशी फातिमा ने संस्थान की विशेष पहल “हमारी बेटियाँ–हमारा गौरव” के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणाम, लैंगिक समानता और किशोरियों की शिक्षा के महत्व पर समुदाय के साथ व्यापक संवाद किया।

महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी:
कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी गीता श्रीवास्तव, सेंटर मैनेजर One Stop Center (वन स्टॉप सेंटर) प्रियंका प्रजापति और Child Line (चाइल्ड लाइन) के कॉर्डिनेटर संतोष सिंह ने महिलाओं एवं किशोरियों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं—सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन से संबंधित योजनाओं—की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समुदाय को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।

किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर:
One Stop Center (वन स्टॉप सेंटर), गाजीपुर की प्रतिनिधि प्रियंका प्रजापति ने किशोरियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, शिक्षा जारी रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान Child Line (चाइल्ड लाइन) के समन्वयक संतोष सिंह ने हेल्पलाइन नंबर 1098 सहित अन्य सेवाओं की जानकारी साझा की और बच्चों की सुरक्षा में समुदाय की अहम भूमिका पर जोर दिया।

कार्यक्रम का संचालन और अभियान की प्रासंगिकता:
जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल संचालन ग्रामीण विकास संस्थान की आशा कुशवाहा द्वारा किया गया। यह आयोजन महिला हिंसा उन्मूलन के लिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय 16-दिवसीय अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो 25 नवंबर से शुरू होकर 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस के साथ संपन्न होता है। संस्थान द्वारा ऐसे अभियानों के माध्यम से समाज को संवेदनशील बनाने और महिलाओं व किशोरियों को सशक्त करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

सक्रिय सहभागिता और ग्रामीणों की मौजूदगी:
कार्यक्रम में फरहीन अब्बासी, अर्शी फातिमा, संतोष सिंह, आशा कुशवाहा, सरोज पाण्डेय, जकी अहमद, इंतज़ार अहमद, कुमारी कविता, नसरीन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे और कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल हुए।


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