अलीगढ़ के एक कॉलेज में बंदरों के आतंक से निपटने के लिए अनोखा कदम उठाया गया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। Aligarh के DS Degree College में बंदरों की समस्या से परेशान होकर एक लंगूर को नौकरी पर रखा गया है। इस लंगूर का नाम गोलू है, जिसे हर महीने 12 हजार रुपये की सैलरी दी जा रही है।
बंदरों के आतंक से था कॉलेज परेशान:
कॉलेज परिसर में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ था। बंदर आए दिन क्लासरूम और कैंपस में घुसकर छात्रों की किताबें, कॉपियां और कपड़े फाड़ देते थे। इतना ही नहीं, कई बार वे छात्रों और स्टाफ पर हमला भी कर देते थे, जिससे लोग घायल हो जाते थे। इस समस्या से निपटने के लिए कॉलेज प्रशासन को अलग समाधान तलाशना पड़ा।
लंगूर को रखा गया नौकरी पर:
इसी समस्या के समाधान के तौर पर कॉलेज ने एक लंगूर को नियुक्त किया, जिसे गोलू नाम दिया गया। पिछले करीब छह महीनों से गोलू कॉलेज में अपनी “ड्यूटी” निभा रहा है। उसकी मौजूदगी से बंदरों का आतंक काफी हद तक कम हो गया है और परिसर में अब पहले की तुलना में शांति बनी हुई है।
छात्रों के बीच बना आकर्षण का केंद्र:
गोलू अब कॉलेज के छात्रों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। छात्र-छात्राएं उसे प्यार से बुलाते हैं और उसके साथ तस्वीरें भी खिंचवाते हैं। गोलू की मौजूदगी से न सिर्फ सुरक्षा में सुधार हुआ है, बल्कि यह कॉलेज में एक अलग पहचान भी बना चुका है।
समस्या का अनोखा समाधान:
कॉलेज द्वारा उठाया गया यह कदम एक अनोखे समाधान के रूप में देखा जा रहा है। बंदरों से परेशान होकर लंगूर को नियुक्त करने का यह तरीका अब चर्चा में है और अन्य स्थानों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
सैलरी और जिम्मेदारी दोनों तय:
गोलू को हर महीने 12 हजार रुपये की सैलरी दी जा रही है और उसकी मुख्य जिम्मेदारी कॉलेज परिसर में बंदरों को दूर रखना है। इस व्यवस्था से कॉलेज प्रशासन को राहत मिली है और छात्रों को सुरक्षित माहौल मिल रहा है।
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रिपोर्टर: जेड ए खान