Report: Haseen Ansari
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के 2025-26 के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष और विश्वविद्यालय निर्माण मंच के अध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि गाजीपुर के युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है इस बजट ने वर्षों से चली आ रही विश्वविद्यालय की मांग को एक बार फिर ठुकरा दिया गया है, जिससे छात्रों में गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है।
छात्र नेता आकाश चौधरी ने कहा कि गाजीपुर के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। छात्र नेता प्रकाश राय और अंकित भारद्वाज ने सरकार पर शिक्षा को बोझ समझने का आरोप लगाया है।कई सरकारें बदल गईं और अनेक जनप्रतिनिधि आए-गए, लेकिन गाजीपुर की यह प्रमुख मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। छात्र नेता अमृतांश बिन्द ने इसे युवाओं के साथ विश्वासघात करार दिया है। स्थानीय छात्रों में इस निर्णय को लेकर गहरा आक्रोश और निराशा है।
“शिक्षा हमारा अधिकार है, भीख नहीं!”
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष और विश्वविद्यालय निर्माण मंच के अध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि “यह बजट गाजीपुर के युवाओं के भविष्य के साथ क्रूर मजाक है। सरकार ने हमारी उम्मीदों को रौंद दिया है। हम अपने शिक्षा के अधिकार के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे, यह बजट निराशाजनक है” उन्होंने आगे बताया कि “गाजीपुर की युवा पीढ़ी को उच्च शिक्षा के लिए दर-दर भटकने पर मजबूर किया जा रहा है। यह सरकार की घोर विफलता है। यह बजट गाजीपुर के विकास के प्रति सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। वे शिक्षा को एक निवेश नहीं, बल्कि एक बोझ समझते हैं। यह बजट गाजीपुर के युवाओं के साथ विश्वासघात है। सरकार हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।”
