अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई का आज आठवां दिन बताया जा रहा है। इस दौरान क्षेत्र में लगातार हमले और जवाबी हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। शुक्रवार को भी इजराइल (Israel) और अमेरिका (United States) की सेनाओं ने ईरान (Iran) के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए। दूसरी ओर ईरान की ओर से भी इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहने की खबरें सामने आई हैं। इस पूरे घटनाक्रम के कारण मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
28 फरवरी से शुरू हुआ सैन्य संघर्ष:
बताया जा रहा है कि यह सैन्य संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ था। इस जंग के शुरुआती दिनों में ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत की खबर सामने आई थी। इसके बाद हालात और अधिक गंभीर हो गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजराइल की सेनाएं अब तक ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी कर चुकी हैं। बताया जा रहा है कि तीन दिनों के भीतर ही 5000 से अधिक बम गिराए गए। इन हमलों के कारण ईरान में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
हमलों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन सैन्य हमलों के कारण ईरान में 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि युद्ध के दौरान आने वाली जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि करना कई बार संभव नहीं हो पाता है।
लगातार जारी बमबारी के कारण कई इलाकों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। नागरिक क्षेत्रों में भी स्थिति प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर चिंता का माहौल बना हुआ है।
ईरानी हमलों से इजराइल और अमेरिकी ठिकाने निशाने पर:
ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ अन्य स्थानों पर भी हमले किए गए हैं।
इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। कई देशों की निगाहें इस संघर्ष पर बनी हुई हैं क्योंकि इसका असर वैश्विक स्तर पर भी पड़ सकता है।
भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर हमला:
इस संघर्ष के दौरान एक और बड़ी घटना सामने आई है। बताया गया कि अमेरिका (United States) ने भारत से लौट रहे ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस देना (IRIS Dena) को निशाना बनाया। यह हमला श्रीलंका (Sri Lanka) के पास समुद्री क्षेत्र में किया गया।
हमले के बाद युद्धपोत के डूबने की खबर सामने आई। इस घटना में अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। यह घटना भी इस संघर्ष को और गंभीर बनाने वाली मानी जा रही है।
मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव और अनिश्चितता:
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देश इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम किस दिशा में आगे बढ़ेगा, इस पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
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