पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 293 सीटों पर मतगणना जारी है, जिसमें शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। हालांकि फालता सीट पर मतदान प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जहां अब 21 मई को पुनः मतदान कराया जाएगा। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार भाजपा 191 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 96 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को लगभग 45 प्रतिशत और टीएमसी को करीब 42 प्रतिशत वोट मिलते नजर आ रहे हैं।
मतगणना के बीच हिंसा और तनाव की घटनाएं:
गिनती के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से तनाव और झड़प की खबरें सामने आई हैं। आसनसोल में टीएमसी के कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जबकि जमुरिया क्षेत्र में आगजनी की घटना सामने आई। कूच बिहार में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। इन घटनाओं ने मतगणना के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है।
मुख्य सीटों पर कड़ा मुकाबला जारी:
भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगे चल रही हैं, जबकि नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी 10वें राउंड के बाद 14,631 वोटों से बढ़त बनाए हुए हैं। इसके अलावा झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम जैसी सीटों पर भी भाजपा बढ़त की स्थिति में दिखाई दे रही है, जिन क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष ध्यान दिया था।
भाजपा के वोट शेयर और सीटों में बढ़ोतरी:
2021 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार भाजपा के वोट प्रतिशत में लगभग 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक भाजपा को इस बार करीब 45 प्रतिशत वोट मिले हैं और सीटों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती नजर आ रही है। अनुमान है कि पार्टी पिछली बार के मुकाबले 114 सीटों तक की बढ़त हासिल कर सकती है।
टीएमसी की ओर से लगाए गए आरोप:
बगदा सीट से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार मधुपर्णा ठाकुर ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कुछ बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ छेड़छाड़ की गई है। उनका कहना है कि कुछ क्षेत्रों में टीएमसी का पीछे रहना असामान्य है, जिससे संदेह उत्पन्न होता है।
राजनीतिक इतिहास और वर्तमान परिदृश्य:
पश्चिम बंगाल में जनसंघ और भाजपा का इतिहास लगभग 72 वर्षों पुराना है। जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी इसी राज्य से थे। शुरुआती वर्षों में पार्टी को सीमित सफलता मिली, लेकिन समय के साथ भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की। 2016 में पार्टी ने पहली बार तीन सीटें जीती थीं, जबकि 2021 में 77 सीटों पर जीत दर्ज की। अब मौजूदा रुझानों के आधार पर भाजपा पहली बार राज्य में सरकार बनाने की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
जश्न और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
कोलकाता स्थित भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने झालमुड़ी बांटकर और उत्साह के साथ जश्न मनाया। वहीं, दूसरी ओर कुछ विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। जम्मू-कश्मीर की पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने इन रुझानों को लेकर टिप्पणी करते हुए चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
#WestBengalElection #BJP #TMC #ElectionResults #IndiaPolitics, West Bengal, BJP, TMC, Election Commission
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।

