वोट चोरी पर दूसरी प्रेसवार्ता, कुर्सी की पेटी बांध लें: कांग्रेस

कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर दूसरी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ी दावे और सबूत मीडिया के सामने रखे। इससे पहले वही 7 अगस्त को इस मसले पर मीडिया से बात कर चुके हैं। इस बार उन्होंने प्रस्तुति के माध्यम से वोटर लिस्टों में हुई कटौती और डिलीशन के तथ्यों को स्क्रीन पर दिखाया और कहा कि यह व्यवस्थित रूप से कांग्रेस के वोटरों को निशाना बनाकर किया जा रहा है।

प्रस्तुति और दावे

राहुल ने मंच पर कई टेक्निकल और दस्तावेजी सामग्री पेश करते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग जानबूझकर कांग्रेस के वोटरों को निशाना बना रहा है और उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उनके साथ उन वोटरों को भी बुलाया गया है जिनके नाम वोटर लिस्ट से डिलीट किए गए हैं ताकि सीधे गवाहों के बयान दिए जा सकें। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले X पर राहुल की एक वीडियो साझा की और कैप्शन में लिखा — “कुर्सी की पेटी बांध लीजिए…” — जिससे यह संकेत मिला कि बड़ी घोषणाएँ हो सकती हैं।

स्थानीय उदाहरण: आलंद का मामला

राहुल ने कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि वहां 6,018 वोट डिलीट किए गए। वह इसे पुख्ता सबूत बताते हुए बोलते हैं कि केवल यह संख्या ही नहीं बल्कि सिस्टम में की गई हाइजैकिंग का पैटर्न पूरे देश में देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि एक बूथ-लेवल अधिकारी ने अपने चाचा के नाम का डिलीट होना देखकर मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि वोट किसने हटाया, यह सीधे तौर पर किसी व्यक्ति का काम नहीं लग रहा — ऐसा दिखा कि सिस्टम किसी बाहरी ताकत द्वारा हाईजैक किया गया था।

सबूत और तर्क

राहुल ने बार-बार कहा कि वे कोई ऐसा बयान नहीं देंगे जो 100% सत्य और सबूतों पर आधारित न हो। उन्होंने अपने भाषण में यह दोहराया कि उन्होंने पहले एडिशन (जोड़ने) से जुड़ा मामला दिखाया था और अब डिलीशन (हटाने) का मामला पेश कर रहे हैं — दोनों में एक समान संरचना और तरीका दिखता है। राहुल का कहना था कि यह केन्द्रियकरण, कॉल सेंटर के इस्तेमाल और सिस्टम के जरिये संगठित तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त उन लोगों की रक्षा कर रहे हैं जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाया।

राजनीतिक रुख और प्रतिक्रिया का आह्वान

राहुल ने चुनाव आयोग के मुख्य अधिकारी ज्ञानेश कुमार को सीधे संबोधित कर कहा कि उन्हें अपना काम करना चाहिए और कर्नाटक CID से एक सप्ताह में जवाब मांगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जवाब नहीं मिला तो देश के युवा जवाब मांगेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका काम जनता के सामने सच्चाई रखना है और अब यह कानूनी संस्थानों का दायित्व है कि वे सबूतों के आधार पर कार्रवाई करें।

आगे की रणनीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछे गए प्रश्नों का जवाब देते हुए राहुल ने दोहराया कि वे केवल सबूत सामने रख रहे हैं और आगे की कार्रवाई देश के लीगल सिस्टम और संबंधित संस्थाओं पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश और संविधान से प्रेम के साथ यह सब किया है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा उनका मकसद है। राहुल ने चेतावनी के स्वर में कहा कि वोट चोरी की सच्चाई पूरे देश के सामने आएगी तथा उन्होंने इसे “हाइड्रोजन बम” के समान बताया — एक बड़ा खुलासा आने वाला है।

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