Lakhimpur Kheri: तहसील निघासन का तमोलिनपुरवा बांध एक बार फिर सुर्खियों में है। यह वही बांध है जिसे झंडी स्टेट के राजा राजेश्वर सिंह की पहल पर बनाया गया था और जिसने लंबे समय तक दर्जनों गांवों को बाढ़ से सुरक्षित रखा। हाल ही में बढ़ते जलस्तर ने बांध की मजबूती को चुनौती दी और हालात गंभीर हो गए।
बांध कटने से बढ़ा संकट
पानी का दबाव बढ़ने से बांध के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। इसी बीच ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों ने जानबूझकर बांध को काट दिया। इससे पानी का प्रवाह तेज हो गया और कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। हालांकि, समय रहते ग्रामीणों को कटान की जानकारी मिल गई और तुरंत प्रयास शुरू कर दिए गए।
ग्रामीणों की सूझबूझ से टली बड़ी तबाही
जानकारी मिलते ही प्रधान प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर बोरियां डालकर बांध को बंद किया गया। इस प्रयास से बड़ी तबाही टल गई। हालांकि बोरियों की कमी के कारण बांध पूरी तरह से मजबूत नहीं हो पाया। इस बीच ग्रामीणों ने राहत की सांस ली कि स्थिति को काबू में कर लिया गया।
मौके पर पहुंचे राजा राजेश्वर सिंह
घटना की जानकारी पाकर झंडी स्टेट के राजा राजेश्वर सिंह खुद तमोलिनपुरवा पहुंचे। उन्होंने बांध का निरीक्षण किया और बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। ग्रामीणों ने जब बोरियों की कमी की बात कही तो उन्होंने तत्काल निजी खर्च से सैकड़ों बोरियों की व्यवस्था कर लालपुर प्रधान को सौंप दी। इससे ग्रामीणों का उत्साह बढ़ा और लोगों को भरोसा मिला कि संकट से पार पाया जा सकता है।
प्रशासन को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि आवश्यकता अनुसार और बोरियां उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही बांध कटने की घटना की जांच कराने की बात कही। ग्रामीणों ने भी मांग उठाई कि जिन अराजक तत्वों ने बांध को काटा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ग्रामीणों में दिखा संतोष
राजा राजेश्वर सिंह की पहल और प्रशासन की सक्रियता से ग्रामीणों को अस्थायी राहत मिली। ग्रामीणों ने कहा कि समय पर उठाए गए कदमों से बड़ी आपदा टल गई। अब उनकी उम्मीद है कि बांध को स्थायी रूप से मजबूत किया जाएगा और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
बंधा कटने से मचा हड़कंप, सैकड़ों बोरियों के साथ पहुंचे राजा राजेश्वर सिंह

