देश में आज (9 सितंबर) उपराष्ट्रपति चुनाव हो रहा है। एनडीए की ओर से सीपी राधाकृष्णन मैदान में हैं, जबकि विपक्षी इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को उतारा है। शाम तक या देर रात तक मतगणना पूरी कर दी जाएगी और देश को नया उपराष्ट्रपति मिल जाएगा।
कौन डालेंगे वोट?
उपराष्ट्रपति चुनाव संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—के निर्वाचित व मनोनीत सदस्यों से बने इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा होता है। इस बार कुल 770 सांसद वोट डालने के पात्र हैं। बीजद और बीआरएस ने मतदान से दूरी बना ली है, जिससे बहुमत का आंकड़ा घटकर 386 रह गया है। जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को कम से कम इतने प्रथम वरीयता मत चाहिए होंगे।
लोकसभा का गणित
लोकसभा की 542 सीटों में से एनडीए के पास 293 सांसद हैं। इसमें अकेले भाजपा के 240 सांसद शामिल हैं। तेदेपा (16), जदयू (12), शिवसेना (7) और लोजपा (5) के सांसद भी एनडीए के साथ हैं। इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस के 4 सांसदों के समर्थन से एनडीए का आंकड़ा 297 तक पहुंच जाता है।
वहीं, इंडिया गठबंधन के पास लोकसभा में 235 सांसद हैं। 10 निर्दलीय और अन्य का समर्थन मिलने पर भी विपक्ष का आंकड़ा एनडीए से काफी पीछे रहता है।
राज्यसभा का समीकरण
राज्यसभा में कुल 239 सांसद हैं, जिनमें से एनडीए के पास 125 सांसदों का समर्थन है। वाईएसआर कांग्रेस के 7 सांसदों को जोड़ने पर यह संख्या 132 तक पहुंच जाती है। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन के पास 85 सांसद हैं। मनोनीत और निर्दलीय सांसदों के सहयोग के बावजूद यह संख्या अधिकतम 95 तक ही जा सकती है।
किसके पक्ष में भारी है समीकरण?
सभी आंकड़ों को मिलाकर देखा जाए तो एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को लगभग 434 वोट मिलने की संभावना है। वहीं, इंडिया गठबंधन उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के पक्ष में करीब 320 सांसद खड़े हो सकते हैं।
यानी गणित के हिसाब से एनडीए उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा।
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यह चुनाव केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों की दिशा भी तय करेगा।