उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Navdeep Rinwa) ने शनिवार को लखनऊ (Lucknow) स्थित लोकभवन (Lok Bhavan) के मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत चल रही दावा एवं आपत्ति अवधि की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक चली इस अवधि में मतदाता सूची से जुड़े दावों, आपत्तियों और नोटिसों की सुनवाई से संबंधित कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है ताकि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

मसौदा मतदाता सूची में 12.55 करोड़ मतदाता:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Navdeep Rinwa) ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 12,55,56,025 मतदाता दर्ज किए गए। इनमें 6,88,43,159 पुरुष मतदाता यानी लगभग 54.83 प्रतिशत हैं, जबकि 5,67,08,747 महिला मतदाता यानी करीब 45.17 प्रतिशत हैं। इसके अलावा 4,119 तृतीय लिंग के मतदाता भी सूची में शामिल हैं, जो कुल मतदाताओं का बहुत छोटा हिस्सा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के लिए पंजीकृत हैं।
नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया जारी:
प्रेस वार्ता में बताया गया कि जिन मतदाताओं ने मिलान प्रक्रिया नहीं कराई या जिनके विवरण में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, उन्हें नोटिस जारी किए गए। ऐसे मतदाताओं की संख्या लगभग 1.04 करोड़ रही, जबकि तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं की संख्या लगभग 2.22 करोड़ दर्ज की गई। नोटिस जारी करने की प्रक्रिया 14 जनवरी 2026 से शुरू हुई और 21 जनवरी 2026 से सुनवाई शुरू की गई।
अब तक 93.8 प्रतिशत नोटिसों का वितरण किया जा चुका है और 6 मार्च 2026 तक लगभग 85.8 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 12,758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जबकि पूरे प्रदेश में 5,621 नोटिस सुनवाई केंद्र बनाए गए।
मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था:
मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सुनवाई के दौरान आने वाले मतदाताओं या उनके प्रतिनिधियों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। जिन मतदाताओं के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना संभव नहीं है, वे लिखित प्राधिकरण देकर किसी प्रतिनिधि को सुनवाई में भेज सकते हैं।
इसके अलावा ईआरओ और एईआरओ अधिकारियों द्वारा मतदान केंद्रों पर भी सुनवाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बूथ लेवल अधिकारी मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करने में सहयोग कर रहे हैं, जिससे लोगों को कम दूरी तय करनी पड़े और प्रक्रिया सरल बन सके।
दावा एवं आपत्ति अवधि में लाखों आवेदन प्राप्त:
दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 के बीच फॉर्म-6 के तहत 70,69,810 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पुरुषों के 34,96,911 और महिलाओं के 35,72,603 आवेदन शामिल हैं। तृतीय लिंग से 296 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 47,81,526 आवेदन दर्ज किए गए।
इसी अवधि में फॉर्म-7 के तहत 2,68,682 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मतदाता सूची से नाम हटाने से संबंधित आवेदन शामिल हैं। वहीं फॉर्म-8 के तहत 16,33,578 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पते में बदलाव, प्रविष्टियों में सुधार, ईपिक प्रतिस्थापन और दिव्यांग मतदाताओं के चिन्हांकन से संबंधित आवेदन शामिल हैं।
बिना प्रक्रिया कोई नाम नहीं हटाया जाएगा:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Navdeep Rinwa) ने स्पष्ट किया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के दिशा-निर्देशों के अनुसार 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बिना नोटिस दिए और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आदेश पारित किए बिना किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जा सकता।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी:
पुनरीक्षण प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी रही। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में राज्य स्तर पर पांच बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आयोग के दिशा-निर्देशों और प्रगति से अवगत कराया गया।
प्रदेश भर में गणना चरण और दावा-आपत्ति अवधि के दौरान राजनीतिक दलों के साथ कुल 3,090 बैठकें आयोजित की गईं। इसके अलावा मान्यता प्राप्त दलों द्वारा 5,82,877 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए गए, जिन्होंने पुनरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग किया।
विशेष अभियान दिवसों का आयोजन:
अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी मतदेय स्थलों पर चार विशेष अभियान दिवस आयोजित किए गए। यह अभियान 11 जनवरी, 18 जनवरी, 31 जनवरी और 22 फरवरी 2026 को चलाया गया। इन दिनों बूथ लेवल अधिकारी आवश्यक फॉर्म और दस्तावेजों के साथ मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहे तथा अधिकारियों द्वारा विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण भी किया गया।
शिकायत निस्तारण में उत्तर प्रदेश अग्रणी:
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा संचालित राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में उत्तर प्रदेश को बेहतर रैंकिंग प्राप्त हुई है। फरवरी 2026 में नागरिकों द्वारा दी गई रेटिंग के आधार पर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला।
27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक कुल 92,497 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 91,790 शिकायतों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के माध्यम से लाखों मतदाताओं ने बूथ लेवल अधिकारियों से संपर्क किया।
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