वाराणसी (Varanasi) में निजी स्कूलों (Private Schools) द्वारा मनमानी फीस वसूली और विशेष दुकानों से किताबें व ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य किए जाने के मामलों पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार (DM Satyendra Kumar) ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को ऐसे स्कूलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
शिकायतों पर प्रशासन की कार्रवाई:
जिलाधिकारी (DM Satyendra Kumar) के निर्देश पर यह मामला तब और गंभीर हुआ जब अभिभावकों की ओर से लगातार शिकायतें मिलने लगीं कि निजी विद्यालय (Private Schools) फीस वृद्धि और किताबों, यूनिफॉर्म तथा अन्य सामग्री के लिए विशेष दुकानों पर दबाव बना रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए सभी निजी विद्यालयों से पिछले तीन शैक्षणिक सत्र की फीस सूची तलब की है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
कंट्रोल रूम की स्थापना और शिकायत सुविधा:
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय (DIOS Office, Varanasi) में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका संपर्क नंबर 05422509413 जारी किया गया है। इस व्यवस्था के तहत अभिभावक सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। चाहे वह शुल्क वृद्धि हो, पुस्तक या यूनिफॉर्म से जुड़ी समस्या हो, सभी शिकायतें लिखित रूप में भी स्वीकार की जाएंगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा और विद्यालय के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालयों की निगरानी और औचक निरीक्षण:
जिलाधिकारी (DM Satyendra Kumar) ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि निजी विद्यालयों (Private Schools) का नियमित और औचक निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान अभिभावकों और छात्रों से भी फीडबैक लिया जाएगा। यदि किसी भी विद्यालय में शासनादेश के विपरीत कार्य या निर्देशों की अवहेलना पाई जाती है, तो संबंधित विद्यालय पर अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में लिए गए अहम निर्णय:
इस पूरे मामले को लेकर एक समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS Bholeendra Pratap Singh), चार्टर्ड अकाउंटेंट हरि एन सिंह बिसेन (Hari N Singh Bisen), मुख्य कोषाधिकारी, निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज (Nivedita Shiksha Sadan Girls Inter College) के प्रधानाचार्य तथा अभिभावक-शिक्षक संघ (Parent-Teacher Association) से यशविंदर सिंह (Yashwinder Singh) उपस्थित रहे। बैठक में स्कूलों की पारदर्शिता और फीस संरचना पर विस्तृत चर्चा हुई।
फीस निर्धारण और नियमों पर सख्त निर्देश:
जिलाधिकारी (DM Satyendra Kumar) ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे अपने तीन वर्षों के ऑडिटेड वित्तीय विवरण (Audited Financial Statements) प्रस्तुत करें। शुल्क वृद्धि केवल निर्धारित मानकों और औचित्य के आधार पर ही मान्य होगी। यदि कोई विद्यालय मनमानी या तय सीमा से अधिक शुल्क वृद्धि करता है तो उस पर जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालयों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि फीस निर्धारण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रखी जाए और अभिभावकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। सभी विद्यालयों के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि वे निर्धारित अभिलेखों का सही तरीके से संधारण करें और समय-समय पर सक्षम प्राधिकारी को विवरण प्रस्तुत करें।
अभिभावकों के अधिकार और स्कूलों पर रोक:
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र या अभिभावक को किसी विशेष दुकान से किताबें, जूते, मोजे या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। साथ ही विद्यालयों को यह प्रमाण पत्र देना होगा कि उनकी फीस वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और निर्धारित सीमा के अनुसार ही है। इसके अलावा विद्यालय पोशाक में पांच वर्षों के भीतर किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा, यह भी अनिवार्य किया गया है।
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