Varanasi: में मंगलवार को बड़ा बवाल खड़ा हो गया जब कचहरी परिसर में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। घटना के दौरान वकीलों ने बड़ागांव थाने के एसआई और एक अन्य पुलिसकर्मी को घेरकर बुरी तरह पीटा। पिटाई से घायल पुलिसकर्मी की पहचान मिथिलेश प्रजापति के रूप में हुई है, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद पूरे कचहरी परिसर को छावनी में बदल दिया गया।
पुराने विवाद से भड़की हिंसा
यह झगड़ा अचानक नहीं भड़का। बीते दिनों चेकिंग के दौरान एक दरोगा द्वारा वकील से अभद्रता और मारपीट किए जाने की घटना सामने आई थी। तभी से वकील समुदाय आक्रोशित था और पुलिस के खिलाफ लगातार नाराज़गी जता रहा था। मंगलवार को यह गुस्सा हिंसा में तब्दील हो गया, जब मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को वकीलों ने निशाना बना लिया।
घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती
पिटाई में बुरी तरह जख्मी हुए पुलिसकर्मी मिथिलेश प्रजापति को आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, घायल एसआई की भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
कचहरी परिसर छावनी में तब्दील
घटना के तुरंत बाद वाराणसी पुलिस ने भारी संख्या में फोर्स मौके पर तैनात कर दिया। एडिशनल सीपी शिवहरि मीणा खुद घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। कैंट थाना क्षेत्र के कचहरी परिसर में हजारों की संख्या में वकील इकट्ठा होकर पुलिस विरोधी नारेबाजी करने लगे। माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
बार एसोसिएशन ने पिटाई को बताया गलत
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री ने वकीलों द्वारा पुलिसकर्मियों की पिटाई को अनुचित करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि कानून हाथ में लेना गलत है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि दोषी वकीलों पर बार की तरफ से भी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
एडिशनल सीपी शिवहरि मीणा ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वकीलों की भीड़ में शामिल दोषियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी को भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आज का बड़ा सवाल
इस घटना ने वकील और पुलिस के रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर वकीलों का कहना है कि पुलिस द्वारा वकील की पिटाई ने उन्हें आक्रोशित किया, वहीं दूसरी ओर पुलिसकर्मियों की पिटाई ने पेशे की गरिमा पर सवाल खड़ा किया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और बार एसोसिएशन मिलकर इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं और दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।
Video:वाराणसी कचहरी में वकील-पुलिस भिड़ंत, हालात तनावपूर्ण