लखनऊ: सीएम योगी ने लगाया जनता दरबार, फरियादियों की सुनी फरियाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ (Lucknow) में पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर जनता दरबार लगाकर आमजन से सीधे संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे और मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी। जनता दर्शन के माध्यम से लोगों ने प्रशासन से जुड़ी परेशानियों, स्थानीय समस्याओं और व्यक्तिगत मामलों को मुख्यमंत्री के सामने रखा, जिन्हें गंभीरता से सुना गया।

A man in traditional Indian attire is reading from a document while standing in front of a group of seated women wearing colorful shawls in a well-lit room.

जनता दर्शन में उमड़ी भीड़:
पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित जनता दरबार में सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। विभिन्न जिलों से आए फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों की बातें सुनीं और संबंधित मामलों को समझने का प्रयास किया। जनता दरबार में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्राप्त शिकायतों पर संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए।

समस्याओं को गंभीरता से सुना गया:
जनता दरबार के दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। कई मामलों में तत्काल अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि हर शिकायत को रिकॉर्ड में लिया जाए और उसका निस्तारण तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दरबार में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को जन समस्याओं के निराकरण के लिए स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि समस्याओं के समाधान की जानकारी संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाई जाए, ताकि उन्हें संतोष हो सके। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि शासन की मंशा है कि आमजन को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

आमजन को दिया भरोसा:
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने फरियादियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के साथ खड़ी है और हर जायज समस्या का निस्तारण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य ही यह है कि लोगों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिले और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई हो।

प्रशासनिक व्यवस्था पर जोर:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता दरबार में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव है, उनमें देरी न की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक तंत्र को और अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाने पर जोर दिया, ताकि आमजन का भरोसा बना रहे।

सकारात्मक माहौल में हुआ आयोजन:
जनता दरबार का आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी चुस्त रहीं। लोगों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया और उनकी समस्याओं को सुने जाने से उनमें संतोष नजर आया। मुख्यमंत्री ने अंत में अधिकारियों को फिर से यह संदेश दिया कि जनसेवा ही शासन का मूल उद्देश्य है।

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