BHU से कर रही थी इंडियन फिलॉस्फी में पीएचडी, कमरे में मिला शव
वाराणसी के गढ़वासी टोला, थाना चौक इलाके में शुक्रवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब रोमानिया की छात्रा फिलिप फ्रांसिस्का (27) मृत पाई गईं। फिलिप काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में इंडियन फिलॉस्फी विषय से पीएचडी कर रही थीं। वह पिछले 15 महीनों से स्थानीय निवासी मोनू खन्ना के घर पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थीं। अचानक हुई इस घटना से विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में शोक और हैरानी का माहौल है।
ऐसे हुई घटना की जानकारी
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार देर रात फिलिप के दो विदेशी मित्र उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। जब उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी तो मास्टर चाबी से दरवाजा खोला गया। कमरे के अंदर फिलिप बिस्तर पर मृत पड़ी मिलीं। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर चौक थाने की पुलिस और ब्रह्मनाल चौकी प्रभारी पहुंचे और कमरे की बारीकी से जांच की।
पुलिस जांच और साक्ष्य
पुलिस ने बताया कि कमरे से कई जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। शव को कबीरचौरा अस्पताल की मर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों को सूचना दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आएगी। पुलिस फिलहाल आत्महत्या, स्वास्थ्य संबंधी कारण और अन्य संदिग्ध पहलुओं पर समानांतर जांच कर रही है।
मकान मालिक और पड़ोसियों का बयान
मकान मालिक मोनू खन्ना ने बताया, “फिलिप हमारे यहां 15 महीनों से रह रही थीं। पढ़ाई में व्यस्त रहने के कारण ज्यादातर समय कमरे में ही रहती थीं। जब उनके दोस्त दरवाजा नहीं खोल पाए, तो हम भी चिंतित हुए और मास्टर चाबी से दरवाजा खोला। अंदर का नजारा देखकर हम सब स्तब्ध रह गए। तुरंत 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी।”
पड़ोसियों का कहना है कि फिलिप शांत स्वभाव की थीं और आस-पास के लोगों से सामान्य बातचीत करती थीं। कई बार मोहल्ले के बच्चे उनसे अंग्रेजी की बातें सीखने भी चले जाते थे।
BHU और छात्र समुदाय में गम
BHU प्रशासन ने छात्रा की मौत को दुखद और असामान्य बताया है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि विदेश से आकर पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए कैंपस और शहर हमेशा सुरक्षित माना जाता है। “यह घटना हमारे लिए भी चिंता का विषय है। हम पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं,” अधिकारी ने कहा।
फिलिप के सहपाठियों का कहना है कि वह पढ़ाई के प्रति बेहद समर्पित थीं और अक्सर पुस्तकालय में घंटों रिसर्च करती रहती थीं। उनकी अचानक हुई मौत ने साथियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। कई छात्रों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और विदेश मंत्रालय के जरिए उनके परिजनों को हर संभव सहयोग दिया जाए।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। इस बीच वाराणसी पुलिस ने BHU और रोमानिया दूतावास से भी संपर्क साधा है ताकि परिजनों को पूरी जानकारी मिल सके। घटना ने एक बार फिर विदेशी छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
वाराणसी में विदेशी छात्रा की संदिग्ध मौत