वाराणसी (Varanasi) में मंगलवार की आधी रात करीब 12 बजे प्रशासन ने राजघाट (Rajghat) क्षेत्र स्थित अजगैब शहीद मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजरों की सहायता से मस्जिद को गिराया गया। बताया गया कि जिस स्थान पर यह मस्जिद स्थित थी, वहां नए मॉडल स्टेशन के निर्माण की योजना प्रस्तावित है। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
कार्रवाई से पहले किया गया निरीक्षण:
मस्जिद को हटाने की कार्रवाई से पहले एसीपी शिवहरी मीणा (ACP Shivhari Meena) अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। इसके बाद मस्जिद के चारों ओर बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। प्रशासन द्वारा पांच बुलडोजर मौके पर लगाए गए, जिनकी सहायता से करीब 42 फीट ऊंची मस्जिद को ध्वस्त किया गया।
भारी पुलिस बल रहा तैनात:
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी के लगभग एक हजार जवानों की तैनाती की गई थी। मौके पर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल (DCP Kashi Gaurav Banswal), एडीसीपी वैभव बांगर (ADCP Vaibhav Bangar), एसीपी विजय प्रताप (ACP Vijay Pratap) तथा कोतवाली और चेतगंज क्षेत्र के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
दो वर्षों से न्यायालय में चल रहा था विवाद:
अजगैब शहीद मस्जिद भदऊ चुंगी (Bhadau Chungi) स्थित किला कोहना (Qila Kohna) क्षेत्र में मौजूद मस्जिद और कब्रिस्तान परिसर का हिस्सा बताई जाती है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि मस्जिद का इतिहास लगभग 200 वर्ष पुराना है। मस्जिद के मुतवल्ली शमीम उस्ताद (Shamim Ustad) थे, जिनका करीब दो माह पूर्व निधन हो चुका है।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि रेलवे (Railway) की पुरानी जमीन है। प्रशासनिक पक्ष के अनुसार समय के साथ वहां मजार का निर्माण हुआ और बाद में मस्जिद तथा कब्रिस्तान भी विकसित हो गए। वर्ष 2024 में काशी मॉडल रेलवे स्टेशन (Kashi Model Railway Station) की योजना के तहत भूमि की पैमाइश कराई गई, जिसके बाद भूमि से जुड़े विवाद का मामला सामने आया।
नोटिस के बाद की गई कार्रवाई:
प्रशासन के अनुसार भूमि खाली कराने को लेकर रेलवे द्वारा नोटिस जारी किया गया था। मामला न्यायालय तक भी पहुंचा, जहां हाल ही में संबंधित मुतवल्ली पक्ष को राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद रेलवे की ओर से भूमि खाली करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। प्रशासन का कहना है कि नोटिस का अनुपालन नहीं होने के बाद मंगलवार को यह कार्रवाई की गई।
मलबा हटाने का कार्य भी शुरू:
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रशासन ने तत्काल मलबा हटाने का कार्य भी शुरू करा दिया। रात में ही मलबे को वाहनों में भरकर हटाया गया। इसके साथ ही जेसीबी मशीनों और मजदूरों की सहायता से क्षेत्र की सफाई का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया। पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी में संपन्न कराई गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर रहा विशेष जोर:
अजगैब शहीद मस्जिद को हटाने की कार्रवाई से पहले प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। अधिकारियों ने पूरे अभियान के दौरान स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी और कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया।
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