विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी कमलेश बिंद पुलिस मुठभेड़ में ढेर

गाजीपुर। चर्चित विनीत राय हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिंदु होटल मालिक के पुत्र विनीत राय की हत्या के मामले में नामजद आरोपी एवं कथित कटरा गैंग का सदस्य कमलेश बिंद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। पुलिस ने घायल अवस्था में उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि बीते दिनों बिंदु होटल संचालक के पुत्र विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कमलेश बिंद का नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, देर रात हुई मुठभेड़ के दौरान कमलेश बिंद और पुलिस टीम का आमना-सामना हुआ। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

विनीत राय हत्याकांड ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। अब मुख्य आरोपी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद मामले की जांच नए मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जल्द प्रेस वार्ता के माध्यम से साझा की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, लखनऊ एसटीएफ पिछले दो दिनों से गाजीपुर में सक्रिय थी और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। एक दिन पहले ही वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने मामले के चार नामजद आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

होटल के बाहर हुई थी सनसनीखेज हत्या

गत शुक्रवार रात करीब 11 बजे बिंदु होटल के बाहर चार नकाबपोश बदमाशों ने 29 वर्षीय विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। विनीत होटल से घर जाने के लिए निकल रहे थे, तभी हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

हमले में विनीत को हाथ और कमर में एक-एक गोली लगी, जबकि सीने में दो गोलियां मारी गईं। गंभीर हालत में उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

बीयर खरीदने के बहाने पहुंचे थे हमलावर

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो बाइक पर सवार चार बदमाश होटल पहुंचे और गार्ड से बीयर खरीदने की बात करने लगे। उन्होंने पहले 16 बीयर मांगी और ऑनलाइन भुगतान की बात कही। इसी दौरान विनीत होटल से बाहर निकले और अपनी कार की ओर बढ़े।

बताया जाता है कि तभी बदमाशों ने पिस्टल निकालकर उन पर हमला कर दिया। विनीत जान बचाने के लिए भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा करते हुए उन पर कई राउंड फायरिंग की।

होटल का कारोबार संभाल रहे थे विनीत

एमएससी और डी.फार्मा की पढ़ाई पूरी करने के बाद विनीत राय परिवार के होटल व्यवसाय को संभाल रहे थे। वह होटल के आधुनिकीकरण और रेनोवेशन का कार्य भी देख रहे थे।

पिछले वर्ष 18 मई को उनकी शादी हुई थी। परिवार में पत्नी और दो माह की एक बेटी है। हत्या के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है।

शंकर पांडेय पर हत्या की साजिश रचने का आरोप

पुलिस जांच में शंकर पांडेय को इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। आरोप है कि रंगदारी नहीं मिलने के कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। विनीत के पिता और होटल संचालक आलोक राय ने कहा था कि वह हर वर्ष करीब एक करोड़ रुपये टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका परिवार सुरक्षित नहीं है।

कौन है शंकर पांडेय?

पुलिस के अनुसार, शंकर पांडेय क्षेत्र का कुख्यात अपराधी है और कथित तौर पर “कटरा गैंग” नाम से गिरोह संचालित करता है। इस गैंग पर अवैध वसूली, दबंगई, मारपीट और लूटपाट जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह कथित रूप से एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संचालित होता था, जहां वारदातों की योजना बनाई जाती थी।

चार आरोपियों पर घोषित हुआ था इनाम

डीआईजी वैभव कृष्ण द्वारा जिन चार आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, उनमें शामिल हैं—

– शंकर पांडेय
– जगदीश सिंह यादव उर्फ सोनू यादव
– आलोक दुबे
– कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद

घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की थीं और करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी।

राजनीतिक गलियारों में भी गूंजा मामला

विनीत राय हत्याकांड ने जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच के दौरान विभिन्न राजनीतिक घरानों के नामों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई थीं, जिससे यह हत्याकांड जिले में व्यापक चर्चा और बहस का विषय बन गया।

कोतवाल पर भी हुई कार्रवाई

हत्याकांड के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सदर कोतवाल महेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

फिलहाल एसटीएफ की कार्रवाई के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। मुख्य आरोपियों में शामिल कमलेश बिंद की मुठभेड़ में मौत के बाद अब पुलिस शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पूरे जिले की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि हत्याकांड के अन्य आरोपी कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं।

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