लखनऊ में ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल को मंजूरी मिली है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से तैयार किए गए इन्क्यूबेशन कार्यक्रम को भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मंजूरी दी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए व्यवस्थित सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
लखपति दीदी अभियान को मिलेगी नई रफ्तार:
प्रधानमंत्री Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) के महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के संकल्प के तहत उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को इस कार्यक्रम से नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya (केशव प्रसाद मौर्य) के नेतृत्व और निर्देशन में ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए यह पहल आगे बढ़ाई जा रही है।
कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्र में महिला समूहों से जुड़े उद्यमों को बेहतर तरीके से विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं के हुनर और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को व्यवस्थित सहयोग देकर आगे बढ़ाना है, ताकि वे अपने उद्यम को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें।
IIM Lucknow के सहयोग से होगा इन्क्यूबेशन:
इस कार्यक्रम में Indian Institute of Management Lucknow (भारतीय प्रबंध संस्थान लखनऊ) के एंटरप्राइज इन्क्यूबेशन सेंटर का सहयोग मिलेगा। राज्यभर से करीब 150 उद्यमों को IIM Lucknow (आईआईएम लखनऊ) की ओर से 18 महीने तक संरचित इन्क्यूबेशन सहयोग दिया जाएगा।
इस अवधि में चयनित महिला उद्यमों को उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमिता को संस्थागत विशेषज्ञता और बाजार की समझ से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले उद्यमों को मिलेगी सहायता:
कार्यक्रम के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला उद्यमों को अनुदान तथा शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे महिलाओं को अपने हुनर और मेहनत को उद्यम के रूप में आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
योजना के तहत चयनित उद्यमों को जिला स्तर पर ‘मॉडल एंटरप्राइज’ के रूप में विकसित किया जाएगा। ऐसे उद्यम आसपास के अन्य महिला समूहों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
महिला उद्यमी ऐसे कर सकती हैं आवेदन:
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक Arun Kumar (अरुण कुमार) के अनुसार, इच्छुक समूहों से जुड़ी महिला उद्यमी अपने नजदीकी ब्लॉक मिशन प्रबंधन, ग्राम संगठन या क्लस्टर स्तरीय संघ से संपर्क कर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन करने की सुविधा दी गई है।
आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त आवेदनों में से चयनित उद्यमों को आगे इन्क्यूबेशन सहयोग दिया जाएगा।
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर:
इस पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को उनके मौजूदा हुनर और उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत चयनित उद्यमों को मॉडल उद्यम के रूप में विकसित करने की व्यवस्था से अन्य महिला समूहों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की इस पहल को ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता को मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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