एक अप्रैल से जांची जाएगी स्कूली वाहनों की फिटनेस, अनफिट गाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई के दिए गए निर्देश

उत्तर प्रदेश [Uttar Pradesh] में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई जाएगी। इस दौरान सभी स्कूल बसों, वैन और ठेका गाड़ियों की शत-प्रतिशत जांच होगी। यदि कोई वाहन फिटनेस न होने या पुरानी फिटनेस पर चल रहा पाया गया, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। स्कूलों को अपने सभी वाहनों का पूरा डेटा पोर्टल [upisvmp.com] पर अपलोड करना होगा और 100 रुपए के स्टाम्प पर शपथपत्र भी अपलोड करना अनिवार्य होगा।

वाहनों में सुरक्षा मानक और तकनीकी उपकरण:
स्कूल वाहनों में GPS और CCTV लगाना अनिवार्य होगा। ड्राइवरों के लिए कम से कम 5 साल का अनुभव, पुलिस वेरिफिकेशन और स्वास्थ्य परीक्षण भी जरूरी है। वाहन पोर्टल पर चालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और लाइसेंस संख्या के साथ उसकी वैधता की जानकारी अपलोड करनी होगी। वाहन का पंजीकरण संख्या, वाहन कितने साल पुराना है, मॉडल, इंजन और चेसिस नंबर, परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र भी दर्ज करना अनिवार्य होगा। 15 साल से पुरानी बसें और वैन अब स्कूल चलाने के लिए अयोग्य मानी जाएंगी।

अपर मुख्य सचिव के निर्देश:
अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा [Parth Sarathi Sen Sharma] ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को पत्र भेजकर अभियान का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिटनेस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन, प्रधानाचार्य और वाहन मालिक पर सख्त कार्रवाई होगी। यह अभियान पूरे प्रदेश के सरकारी, प्राइवेट, केंद्रीय और मदरसा बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा।

पोस्टिंग और शपथपत्र:
परिवहन आयुक्त [Transport Commissioner] की ओर से स्कूल वाहन निगरानी के लिए पोर्टल upisvmp.com बनाया गया है। स्कूलों को 15 अप्रैल तक पोर्टल पर अपने सभी वाहनों का पूरा डेटाबेस अपलोड करना होगा। प्रत्येक स्कूल प्रबंधन को 100 रुपए के स्टाम्प पेपर पर नोटरी से सत्यापित शपथपत्र भी पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

सुरक्षा समितियों की बैठकें:
जिला स्तर पर जिलाधिकारी [District Magistrate] की अध्यक्षता में स्कूल वाहन परिवहन सुरक्षा समिति बनेगी। इसी तरह स्कूल स्तर पर प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति बनाई जाएगी। इन समितियों में अभिभावक, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी सदस्य होंगे। दोनों समितियों की बैठकें अनिवार्य रूप से अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में आयोजित की जाएंगी। बैठकों में वाहनों के पंजीकरण और पोर्टल पर अपलोड किए जाने वाले सभी बिंदुओं का परीक्षण किया जाएगा।

आगरा और फतेहपुर की घटनाओं के बाद सख्ती:
हाल ही में आगरा [Agra] में अनफिट स्कूली बस की चपेट में एक छात्रा की मौत हो गई थी। वहीं फतेहपुर [Fatehpur] में बिना परमिट वाली गाड़ी की दुर्घटना के बाद सरकार ने यह कदम उठाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ [Yogi Adityanath] ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताई थी। इसके बाद परिवहन आयुक्त किंजल सिंह [Kinjal Singh] ने सभी डीएम और जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति को अभियान चलाने का निर्देश दिया।

Disclaimer:
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