‘हम नौकरी दे रहे, विपक्षी गिनते जाएं… ना गिन पाएं तो शिवपाल जी से सीख लें’, नियुक्तिपत्र वितरण कार्यक्रम में CM योगी का सपा पर तंज
लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की बात कही। इस दौरान उन्होंने 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं (पीजीटी) और सहायक अध्यापकों (टीजीटी) को नियुक्ति पत्र वितरित किए। ये नियुक्तियां सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में हुई हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव पर भी तंज कसा और रोजगार से जुड़े सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया।
3,567 शिक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र:
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में 3,567 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता (पीजीटी) और सहायक अध्यापक (टीजीटी) पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता और 2,372 सहायक अध्यापक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार देने का काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। इसी क्रम में उन्होंने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया। रोजगार को लेकर अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता अखिलेश यादव पर भी कटाक्ष किया।
अखिलेश यादव पर गिनती को लेकर तंज:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौकरी दी जा रही है और आगे भी दी जाएगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी को गिनती नहीं आती तो शिवपाल यादव के सानिध्य में बैठकर गिनती सीखी जा सकती है। मुख्यमंत्री के इस बयान में अखिलेश यादव पर राजनीतिक कटाक्ष किया गया।
प्रशांत कुमार की भूमिका की सराहना:
मुख्यमंत्री ने पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवा चयन आयोग ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशांत कुमार को शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष इसलिए बनाया गया, ताकि भर्ती प्रक्रिया में नकल माफिया पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके और प्रतिभावान अभ्यर्थियों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।
उन्होंने कहा कि पुलिस में प्रशांत कुमार ने अच्छा काम किया और अब आयोग तथा बोर्ड में सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं।
टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के मुद्दे पर संज्ञान:
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में धरना दे रहे टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रयागराज में धरने पर बैठे युवाओं के लिए एक बार छूट देने या ऐसी व्यवस्था बनाने पर विचार किया जाना चाहिए, जिससे वे निश्चित समय के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकें।
प्रयागराज में अभ्यर्थी टीजीटी और पीजीटी भर्ती को पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी ओर से पुरानी नियमावली बहाल करने, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने और प्रभावित अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त अवसर देने की मांग रखी गई है।
शिक्षकों की भूमिका पर मुख्यमंत्री ने रखी बात:
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी सोच और जड़ व्यवस्था युवाओं के आगे बढ़ने में बाधा बन सकती है। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों को पढ़ाई के साथ देश के महापुरुषों की जीवनी और रोजमर्रा की घटनाओं से जोड़ने की बात कही।
उन्होंने कहा कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जानकारी दे सकती है और गूगल सवालों के जवाब बता सकता है, लेकिन सही और गलत में अंतर समझाने की जिम्मेदारी शिक्षक की है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से छात्रों को समाज को बांटने वाली नकारात्मक सोच से बचाने की अपील भी की।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा:
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई नामी कॉलेजों के भवनों की स्थिति ऐसी थी कि उनकी छतों के गिरने का डर बना रहता था। उन्होंने बताया कि अब 1,500 से अधिक सरकारी इंटर कॉलेजों की नई इमारतें बन चुकी हैं। स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल पुस्तकालय और अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, बेसिक शिक्षा के अनुदेशकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों को बिना नकद भुगतान वाली स्वास्थ्य सुविधा का लाभ दिया गया है।
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी:
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 9.5 लाख युवाओं को बिना भेदभाव और रिश्वत के सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि किसी चयनित शिक्षक को विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करते समय परेशानी या उत्पीड़न का सामना नहीं करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रबंधक या अन्य व्यक्ति की ओर से लेनदेन की बात सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के नाम पर पैसे मांगने वालों के खिलाफ जेल भेजने तक की कार्रवाई होगी।
चार दिनों में 5,297 नियुक्ति पत्र:
सरकार की ओर से जारी रोजगार अभियान के तहत चार दिनों में 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने की जानकारी सामने आई है। पहले चरण में 19 सितंबर को कौशल विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, आयुष और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
दूसरे चरण में 20 सितंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक समेत विभिन्न पदों पर चयनित 912 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले। इसके बाद मंगलवार को शिक्षा विभाग में 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
2015-16 के अभ्यर्थी का उदाहरण दिया:
मुख्यमंत्री ने हाल में नियुक्ति पत्र पाने वाले एक युवक का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने वर्ष 2015-16 में भी इसी पद के लिए आवेदन किया था। उसके अनुसार, उस समय उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। वह खेत बेचकर पैसा लेकर आया, लेकिन अधिक पैसा देने वाला दूसरा व्यक्ति आने के कारण उसे नौकरी नहीं मिल सकी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाद में पूरी प्रक्रिया निरस्त हुई और उसी पद पर आवेदन करने वाले उस युवक का चयन हुआ। अब उसे नियुक्ति पत्र मिल गया है।
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