उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार सुबह से Lucknow (लखनऊ), Kanpur (कानपुर), Barabanki (बाराबंकी) समेत 15 शहरों में लगातार बारिश हो रही है। Lucknow (लखनऊ) में पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि पूरे प्रदेश में बादल छाए हुए हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से 66 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
कई जिलों में जलभराव से बढ़ीं परेशानियां:
पिछले 24 घंटों के दौरान Prayagraj (प्रयागराज) में हुई तेज बारिश के कारण कई सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। कई इलाकों में बारिश का पानी घरों में घुस गया। एक अंडरपास में करीब दो फीट तक पानी भर जाने से यातायात रोकना पड़ा। वहीं Kaushambi (कौशांबी) में घरों के भीतर पानी भरने से सोफे और कुर्सियां पानी में तैरती दिखाई दीं। लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित रहा।
स्कूलों की छुट्टी और सरकारी कार्यालयों में पानी:
खराब मौसम को देखते हुए Pilibhit (पीलीभीत) और Bahraich (बहराइच) में सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई। Pilibhit (पीलीभीत) में लगातार हो रही बारिश के चलते जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय सहित कई सरकारी कार्यालयों में पानी भर गया। हालात को देखते हुए जिलाधिकारी Gyanendra Singh (ज्ञानेंद्र सिंह) ने एहतियात के तौर पर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।
नदियां उफान पर, कई गांवों पर बाढ़ का खतरा:
लगातार बारिश के कारण प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। Varanasi (वाराणसी) और Prayagraj (प्रयागराज) में घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। Kashi (काशी) के लगभग 50 छोटे मंदिरों में भी पानी भर गया है। Etah (एटा) में अरिंद नदी और Ballia (बलिया) तथा Barabanki (बाराबंकी) में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से 200 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
कटान से मकान और जमीन नदी में समाई:
Gonda (गोंडा) में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ नदी किनारे कटान भी तेज हो गया है। Karnailganj (करनैलगंज) और Tarabganj (तरबगंज) क्षेत्र के निचले इलाकों में कई मकान और कृषि भूमि नदी में समा गई हैं। बढ़ते जलस्तर के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सोमवार को भी कई जिलों में हुई बारिश:
इससे पहले सोमवार को Gorakhpur (गोरखपुर), Ayodhya (अयोध्या) समेत प्रदेश के लगभग 50 जिलों में बारिश दर्ज की गई थी। Firozabad (फिरोजाबाद) और Unnao (उन्नाव) के सरकारी अस्पतालों में घुटनों तक पानी भर गया। वहीं Shamli (शामली) में नहर टूटने से करीब 10 फीट सड़क धंस गई। पिछले 36 घंटों के दौरान बारिश और आकाशीय बिजली से जुड़ी घटनाओं में प्रदेश में 10 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
24 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी:
मौसम की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि Bay of Bengal (बंगाल की खाड़ी) में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कमजोर पड़ने के बाद मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मानसूनी रेखा Sriganganagar (श्रीगंगानगर), Rohtak (रोहतक), Hardoi (हरदोई), Varanasi (वाराणसी) और Ranchi (रांची) होते हुए उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसी कारण प्रदेश में 24 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट रहने की संभावना जताई गई है।
तापमान में दर्ज हुई गिरावट:
Prayagraj (प्रयागराज) में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में लगभग सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार सुबह से यहां रिमझिम बारिश जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार, दिन के दौरान तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
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