यूपी में नौ आईएएस अफसरों के तबादले, अनुराग यादव समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव बने

यूपी सरकार ने रविवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 9 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए। प्रदेश में 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े फर्जी एमओयू मामले के सामने आने के बाद आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में जिम्मेदारी तय करते हुए प्रमुख सचिव स्तर पर कार्रवाई की गई है। इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निवेश प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

फर्जी निवेश समझौते पर कार्रवाई:
प्रदेश में एआई पुच द्वारा 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया गया था, जिसे लेकर सरकार की ओर से भी सराहना की गई थी। हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि जिस कंपनी ने यह एमओयू साइन किया, उसकी वास्तविक वित्तीय क्षमता बेहद सीमित थी और उसकी नेटवर्थ 50 करोड़ रुपये तक भी नहीं पहुंचती थी। सोशल मीडिया पर इस मामले के वायरल होने के बाद इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) ने तुरंत इस एमओयू को रद्द कर दिया।

प्रमुख सचिव पर गिरी जिम्मेदारी:
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव (Anurag Yadav) को उनके पद से हटा दिया गया है। सरकार ने उन्हें समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग में प्रमुख सचिव के रूप में नई जिम्मेदारी दी है। यह कदम विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है।

मंत्री का बयान और प्रशासनिक निर्णय:
विभागीय मंत्री सुनील शर्मा (Sunil Sharma) ने इस मामले में स्पष्ट किया था कि यह एमओयू इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) के स्तर पर हुआ था और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद, विभाग के शीर्ष अधिकारी होने के कारण प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करते हुए यह बदलाव किया गया।

अन्य आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां:
नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज (M. Devaraj) को उनके वर्तमान पद के साथ यूपी प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का महानिदेशक बनाया गया है। वहीं नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार तृतीय (Alok Kumar III) को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इसके अलावा ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू (Saurabh Babu) को दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्था का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

अन्य तबादले और नई नियुक्तियां:
यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक रवि रंजन (Ravi Ranjan) को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। टीके शिबू (T.K. Shibu) को यूपी एग्रो का अतिरिक्त प्रभार मिला है। लंबे समय से प्रतीक्षारत हिमांशु कुमार (Himanshu Kumar) को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का नया प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
सौम्या गुरुरानी (Soumya Gururani) को शाहजहांपुर (Shahjahanpur) का नगर आयुक्त बनाया गया है, जबकि बिपिन कुमार मिश्रा (Bipin Kumar Mishra) को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में अपर प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।

मुख्यमंत्री का बयान और संदेश:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अफवाह फैलाना गंभीर अपराध है। उन्होंने लखनऊ (Lucknow) स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences) में नर्सिंग स्टाफ को जॉइनिंग लेटर वितरित करते हुए कहा कि जब नेतृत्व मजबूत हो तो अनावश्यक चिंता की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि गलत सूचनाएं फैलाना राष्ट्रहित के खिलाफ है।

प्रशासनिक सख्ती का संकेत:
इस पूरे प्रकरण को सरकार की ओर से प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। निवेश के नाम पर फर्जी दावों को लेकर सरकार अब अधिक सतर्क नजर आ रही है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई है।

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