लखनऊ। प्रदेश की विमुक्त जातियों के उत्थान और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार नई पहल कर रही है। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि डबल इंजन की सरकार विमुक्त समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में 31 अगस्त को विमुक्त जाति दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह दिवस मुगल काल से लेकर अब तक संघर्ष और देश के प्रति समर्पण के लिए विमुक्त जातियों के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत ने बताया कि कार्यक्रम में घुमंतु एवं विमुक्त जनजातियों के ऐसे परिवार, जो स्थायी जीवन अपनाना चाहते हैं, उन्हें भूमि आवंटन और पट्टा वितरण किया जाएगा। इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) एवं मुख्यमंत्री आवास योजना (CMAY) के अंतर्गत आवास निर्माण की सुविधा दी जाएगी।
इसके अलावा वित्तीय सहायता और आधारभूत सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, शौचालय और सड़क संपर्क उपलब्ध कराकर इन्हें सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल से न केवल उनकी आवासीय समस्या का समाधान होगा, बल्कि बच्चों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और स्थायी आजीविका के अवसर भी सुनिश्चित होंगे।
कार्यक्रम में विमुक्त जातियों से संबंधित विकास योजनाओं, महापुरुषों के चित्रों की प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे समुदाय की संस्कृति और योगदान को व्यापक स्तर पर सम्मान और पहचान मिल सके।

