Lucknow। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग और त्वरित निस्तारण की रणनीति का असर प्रदेश के राजस्व मामलों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सीएम योगी हर माह जिलावार राजस्व मामलों की समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर मामलों के निस्तारण के निर्देश देते हैं। इस पहल के परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में राजस्व वादों का निस्तारण तेज हुआ है और आम जनता को तेजी से न्याय मिलने की सुविधा बढ़ी है।
राजस्व परिषद की कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की अगस्त माह की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 3,69,293 मामले निस्तारित किए गए। राजधानी लखनऊ ने इसमें सबसे अधिक 19,178 मामलों का निस्तारण कर प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके बाद प्रयागराज 10,693, गोरखपुर 9,560, जौनपुर 8,779 और बाराबंकी 8,615 मामलों के साथ क्रमशः दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर रहे। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार अधिकारियों द्वारा मामलों के त्वरित निस्तारण में पूरी तत्परता दिखाई जा रही है।
जनपद स्तरीय न्यायालयों में जौनपुर ने लगातार दस माह से शीर्ष स्थान बनाए रखा है। अगस्त माह में जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने निर्धारित मानक 250 के मुकाबले कुल 612 मामले निस्तारित किए, जो 244.80 प्रतिशत की उपलब्धि दर्शाता है। लखीमपुर खीरी 379 मामलों और आजमगढ़ 400 मामलों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। मऊ जिले ने 30 के मानक के मुकाबले 91 मामले निस्तारित कर 303.33 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो प्रदेश में सबसे अधिक है।
भू-राजस्व मामलों में भी जौनपुर अव्वल रहा। अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर ने निर्धारित मानक 50 के मुकाबले 208 मामलों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। गाजीपुर और मीरजापुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 50 के मानक के मुकाबले 211 मामलों का निस्तारण कर 422 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जबकि आजमगढ़ और झांसी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल का उद्देश्य न केवल राजस्व विवादों का त्वरित निस्तारण करना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व भी बढ़ाना है। अधिकारियों की तत्परता और कंप्यूटरीकृत प्रणाली के उपयोग से प्रदेश के नागरिक अब तेजी से न्याय पा रहे हैं। इस रणनीति से यह स्पष्ट हुआ है कि राजस्व मामलों के निपटारे में न केवल गति बढ़ी है, बल्कि समग्र प्रशासनिक प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनी है।
इस तरह योगी सरकार की विशेष पहल ने राजस्व मामलों में प्रदेशभर में एक सकारात्मक बदलाव लाया है और जौनपुर तथा लखनऊ जैसे जिलों ने उदाहरण प्रस्तुत किया है कि अनुशासन, मॉनीटरिंग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

