यूपी में फिर कंपकंपाएगी ठंड, 3 दिन बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार सुबह से घना कोहरा छाया हुआ है। राजधानी Lucknow (लखनऊ) सहित Jhansi (झांसी), Agra (आगरा), Aligarh (अलीगढ़) समेत करीब 30 जिले कोहरे की चपेट में आ गए हैं। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा है। सुबह और शाम के समय पछुआ बर्फीली हवाओं के कारण गलन में तेज बढ़ोतरी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि क्षेत्र भी प्रभावित होने की आशंका है।

घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित:
Aligarh (अलीगढ़) और Jhansi (झांसी) जैसे जिलों में दृश्यता घटकर मात्र 10 मीटर तक सिमट गई है। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है। कई इलाकों में स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान:
India Meteorological Department (IMD) के अधीन Meteorological Centre Lucknow (मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ) के वरिष्ठ वैज्ञानिक Atul Kumar Singh (अतुल कुमार सिंह) ने बताया कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। उनके अनुसार, पूर्वी और तराई क्षेत्रों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना बनी हुई है। साथ ही एक फरवरी से प्रदेश में एक और Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।

इन जिलों में घने कोहरे का अलर्ट:
मौसम विभाग ने Kushinagar (कुशीनगर), Maharajganj (महाराजगंज), Siddharthnagar (सिद्धार्थनगर), Balrampur (बलरामपुर), Shravasti (श्रावस्ती), Bahraich (बहराइच), Lakhimpur Kheri (लखीमपुर खीरी), Sitapur (सीतापुर), Saharanpur (सहारनपुर), Shamli (शामली), Muzaffarnagar (मुजफ्फरनगर), Baghpat (बागपत), Meerut (मेरठ), Bijnor (बिजनौर), Amroha (अमरोहा), Moradabad (मुरादाबाद), Rampur (रामपुर), Bareilly (बरेली), Pilibhit (पीलीभीत), Shahjahanpur (शाहजहांपुर), Sambhal (संभल) और Badaun (बदायूं) में घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया था। इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

तीन दिनों तक मौसम का हाल:
31 जनवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोहरा छाने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
1 फरवरी को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।
2 फरवरी को भी दोनों हिस्सों में बारिश के आसार बने रहेंगे और कुछ इलाकों में तेज हवा चलने की चेतावनी दी गई है।

जनवरी में कम रही बारिश:
इस बार जनवरी का महीना बारिश के लिहाज से सामान्य से कमजोर रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, Lucknow (लखनऊ) में जनवरी के दौरान 8.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस महीने में 14.1 मिलीमीटर वर्षा होती है। इस तरह राजधानी में लगभग 39 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसका असर तापमान और नमी के स्तर पर भी देखा गया।

फसलों को भारी नुकसान की आशंका:
तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञ Siddharth Singh (सिद्धार्थ सिंह) के अनुसार, यदि तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल गिर जाती है तो दाने हल्के रह जाते हैं, जिससे उत्पादन में करीब 20 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। गन्ने की फसल भी कई स्थानों पर गिर चुकी है, जिससे गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन घटने की आशंका है।

सरसों और सब्जियों पर असर:
खेतों में अधिक पानी भर जाने से सरसों की फलियां जमीन पर गिर गई हैं, जिससे दानों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं सब्जियों की फसलों में जलभराव के कारण गलन की समस्या सामने आ रही है। विशेष रूप से सब्जी की खेती करने वाले किसानों को इस मौसम से सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम की मार से जूझ रहे किसानों को आने वाले दिनों में मौसम साफ होने की उम्मीद है, ताकि फसलों को और नुकसान से बचाया जा सके।

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