यूपी बोर्ड 10वीं के रिजल्ट में जालौन के यश प्रताप सिंह ने यूपी टॉप किया। अमठी की मंगलेश प्रजापति ने जिले में पहला स्थान हासिल किया है। उनके दादा राम बरन मिट्टी के कुल्हड़ बनाकर उसकी फीस भरते हैं। वहीं, गोरखपुर में उम्मे कुलसुम फातिमा को जिले में पहली रैंक मिली है।
जब सर से उठ गया माँ का साया…
इस परीक्षा को पास करने वाले कई ऐसे परीक्षार्थी हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थियों में शिक्षा के महत्त्व को समझा और संघर्ष के बिच उनकी मेहनत यूपी बोर्ड के मार्कशीट पर दर्ज हो गयी, इन्ही में से एक हैं अफीफा तस्लीम। अफीफा, उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर की रहने वाली हैं, उनका घर शहर के रजदेपुर क्षेत्र में है। गरीबी रेखा से निचे की जिन्दगी बसर करने वाली अफीफा के माता पिता ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी, आर्थिक तंगी से जूझ रहे अफीफा के पिता हसीन अंसारी, शहर में छोटा सा ऑटो पार्ट्स की दूकान चलाते हैं। अफीफा के लगन को देखते हुए उन्होंने मेहनत कर उसका दाखिला शहर के अच्छे स्कूल में करवाया। आपनी माता फौजिया तस्लीम के मार्गदर्शन में अफीफा का पढाई से नाता और मजबूत हो गया। एक कमरे के मकान में जिन्दगी से संघर्ष करती हुई अफीफा बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में जूट गयी लेकिन अफीफा का माँ जिन्दगी का जंग हार गयी, वो गंभीर रोग से ग्रसित थी लेकिन अफीफा को इसका एहसास नहीं होने देती थी। अफीफा बोर्ड की तैयारियां कर रही थी और तभी इलाज के दौरान अफीफा के माँ की मृत्यु हो गयी। इस घटना से अफीफा को सदमा लग गया, अफीफा का केवल मनोबल नहीं टूटा बल्कि उसका पढाई से नाता भी टूट गया। अफीफा के माँ सपना था कि इकलौती बेटी को जिन्दगी में आआगे बढ़ाना है, उसे खूब पढ़ाना है। अफीफा के पिता ने उसका मनोबल मजबूत किया और इस घटना को लेकर अफीफा के अध्यापकों से बात की। मन में मातम का भवसागर था लेकिन पिता के प्रयासों से अफीफा ने दुबारा किताब उठाई और हाईस्कूल की परीक्षा में 73% अंक प्राप्त किया। अफीफा गाजीपुर शहर स्थित एम ए एच इंटर कॉलेज की छात्रा है। इन विपरीत परिस्थियों में अफीफा ने जिला तो नहीं लेकिन अपनी जिन्दगी को टॉप कर लिया। अफीफा जैसे छात्र समाज में मिशाल हैं जिन्होंने शिक्षा के महत्त्व को समझा, ऐसी कई छात्र हैं और उनकी प्रेरणा देने वाली कहानियां हैं।
यूपी बोर्ड 10वीं परीक्षा 2025 में कुल 25,45,815 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें 25,36,104 संस्थागत और 9,711 व्यक्तिगत परीक्षार्थी थे। सम्मिलित छात्रों में 13,27,024 बालक और 12,18,791 बालिकाएं थीं। इस वर्ष हाईस्कूल का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 90.11% रहा। कुल 22,94,122 परीक्षार्थी पास घोषित हुए, जिनमें 22,87,431 संस्थागत और 6,691 व्यक्तिगत छात्र शामिल हैं। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.19% रहा, जबकि व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का प्रतिशत 68.9% रहा। कुल सफल छात्रों में 11,49,984 बालक और 11,44,138 बालिकाएं शामिल रहीं। बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 86.66% और बालिकाओं का 93.87% रहा, जो कि बालकों से 7.21% अधिक है। वहीं, संस्थागत परीक्षार्थियों का परिणाम व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की तुलना में 21.29% बेहतर रहा। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 92,594 परीक्षकों द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त, आंशिक विषयों की परीक्षा में विनियम के अंतर्गत 3,682 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए।

जिला टॉपरों की प्रोफाइल:
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